दतिया BJP में बगावत: नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटते ही जिलाध्यक्ष का इस्तीफा, हाईवे जाम, समर्थकों का प्रदर्शन

दतिया। विधानसभा उपचुनाव के लिए भाजपा द्वारा आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद जिले में पार्टी के भीतर खुला विरोध शुरू हो गया है। पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने से नाराज उनके समर्थक, व्यापारी और स्थानीय भाजपा पदाधिकारी शुक्रवार को सड़कों पर उतर आए।
प्रदर्शन के दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष रघुवीर सिंह समेत कई पार्षदों ने अपने इस्तीफे सौंप दिए। नाराज कार्यकर्ताओं ने ग्वालियर-झांसी हाईवे पर जाम लगा दिया, जिससे करीब 2 किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार लग गई। प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने सड़क पर लेटकर विरोध जताया और आशुतोष तिवारी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि फैसला वापस नहीं लिया गया तो बाजार बंद कर भोपाल में भी विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
नामांकन की तैयारी कर रहे थे नरोत्तम मिश्रा
उपचुनाव की घोषणा के बाद से नरोत्तम मिश्रा लगातार क्षेत्र में सक्रिय थे। उन्होंने जनसभाएं कर मतदाताओं से संवाद किया और सार्वजनिक रूप से अपनी पिछली राजनीतिक गलतियों के लिए माफी भी मांगी थी। बुधवार को उन्होंने नामांकन फॉर्म भी खरीदा था और शुक्रवार को नामांकन दाखिल करने की चर्चा थी। लेकिन टिकट आशुतोष तिवारी को मिलने से उनके समर्थकों में भारी नाराजगी फैल गई।
अब तक 13 उम्मीदवारों ने खरीदे नामांकन फॉर्म
दतिया उपचुनाव के लिए अब तक 13 लोगों ने नामांकन फॉर्म खरीदे हैं, जबकि इनमें से 4 उम्मीदवार अपना नामांकन दाखिल कर चुके हैं। भाजपा की ओर से उम्मीदवार घोषित होने के बाद अब राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।
कौन हैं आशुतोष तिवारी?
आशुतोष तिवारी भाजपा संगठन में लंबे समय तक सक्रिय रहे हैं और संभागीय संगठन मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने सेवढ़ा सीट से टिकट की दावेदारी की थी, लेकिन पार्टी ने प्रदीप अग्रवाल को उम्मीदवार बनाया था। तिवारी मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष भी रह चुके हैं, जहां उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त था।
दतिया में भाजपा के उम्मीदवार घोषित होते ही जिस तरह संगठन के भीतर विरोध खुलकर सामने आया है, उसने उपचुनाव को राजनीतिक रूप से बेहद दिलचस्प बना दिया है। अब पार्टी नेतृत्व के सामने सबसे बड़ी चुनौती स्थानीय असंतोष को शांत कर चुनावी एकजुटता बनाए रखने की होगी।

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