MP: सवर्णों की बेटियों को लेकर आपत्तिजनक बयान देकर घिरे आईएएस संतोष वर्मा, अब मांग रहे माफ़ी

भोपाल। अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी-कर्मचारी संघ (अजाक्स) के नवनिर्वाचित प्रांताध्यक्ष एवं वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा प्रांतीय अधिवेशन में सवर्णों की बेटियों को लेकर दिए बयान में घिर गए हैं।उन्होंने आर्थिक आधार पर आरक्षण को लेकर कहा था कि यह तब तक आरक्षण जारी रहना चाहिए जब तक कि मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान नहीं कर दे या उससे संबंध नहीं बना दे। इस बयान की कर्मचारी और सामाजिक संगठनों ने निंदा करते हुए कार्रवाई की मांग की।अब वर्मा माफ़ी मांग रहे हैँ।

दरअसल, अजाक्स के जिस कार्यक्रम में रविवार को संतोष वर्मा को प्रांताध्यक्ष चुना गया, उसमें वर्मा ने कहा था- जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान नहीं देता या उससे संबंध नहीं बनता, तब तक आरक्षण जारी रहना चाहिए।
वर्मा के इस बयान पर सपाक्स के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. हीरालाल त्रिवेदी ने कहा- इससे घटिया, निकृष्ट और निंदनीय स्टेटमेंट कोई और नहीं हो सकता। जो अपनी बेटी और दूसरे की बेटी में इतना फर्क करता हो, उसके लिए कोई शब्द नहीं है।अजाक्स हो, सपाक्स हो या अपाक्स हो, कोई भी वर्ग वाले हों, ऐसे लोगों का बहिष्कार होना चाहिए। सरकार को भी इन्हें बाहर करना चाहिए क्योंकि ऐसे आदमी को सार्वजनिक पद पर रहने का अधिकार नहीं है। पुलिस को एफआईआर दर्ज कर इसे गिरफ्तार करना चाहिए।

बयान का विरोध होने के बाद IAS अधिकारी संतोष वर्मा ने ब्राह्मण की बेटियों को लेकर अपने बयान पर माफी मांगी है। वर्मा का कहना है कि मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है। मेरा भाषण 27 मिनट का था, लेकिन 2 सेकंड की क्लिप को चलाकर इसे प्रचारित किया गया है।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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