MP: युद्ध संभावित चुनौतियों से निपटने तीन मंत्रियों की कमेटी बनाई, फिलहाल हालात सामान्य होने का दावा..

भोपाल। खाड़ी देशों में युद्ध के चलते बने हालातों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रियों की मौजूदगी में बैठक की है। इस बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विश्व और देश के समक्ष उपजी परिस्थितियों और संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए मध्यप्रदेश में बेहतर प्रबंधन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि तीन सदस्यीय मंत्री और अधिकारियों की समिति प्रदेश की आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी करेगी और आपूर्ति बहाल रखने के लिए सभी कदम उठाएगी। इनमें उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, मंत्री गोविन्द राजपूत और चैतन्य काश्यप शामिल किये गये हैँ।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खाड़ी देशों में रह रहे या वर्क वीजा पर गए या पर्यटन के लिए गए भारतीय नागरिकों, विशेषकर मध्यप्रदेश के निवासियों की स्वदेश वापसी के लिए मध्यप्रदेश सरकार लगातार केंद्र सरकार के संपर्क में है।
राज्य सरकार से हेल्पलाइन के जरिए अब तक 255 लोगों ने संपर्क किया है, जिनकी सकुशल स्वदेश वापसी के लिए प्रयास तेज किए जा रहे हैं। बैठक में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, सभी मंत्री सहित प्रभारी मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता संरक्षण रश्मि अरूण शमी, सचिव परिवहन एवं आयुक्त जनसम्पर्क मनीष सिंह एवं अन्य विभागीय अधिकारी भी उपस्थित थे।

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कैबिनेट बैठक के बाद सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि प्रदेश में पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस की पर्याप्त उपलब्धता है। घरेलू गैस सिलेंडर की सप्लाई लगातार की जा रही है और आम उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।

कॉमर्शियल सिलेंडर की डिलीवरी पर रोक
मंत्री काश्यप ने बताया कि भारत सरकार के निर्देशों के बाद मध्यप्रदेश में सोमवार से कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की डिलीवरी पर रोक लगाई गई है। खाड़ी देशों में जारी युद्ध जैसी परिस्थितियों को देखते हुए केंद्र के फैसले को राज्य में लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई सिस्टम में पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और युद्ध के हालातों का प्रदेश पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा।

सोशल मीडिया से पैनिक फैलने की आशंका

वहीं भोपाल पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि फिलहाल सप्लाई में कोई दिक्कत नहीं है। डीलर्स द्वारा ऑर्डर देने पर नियमित आपूर्ति मिल रही है। हालांकि उन्होंने आशंका जताई कि पाकिस्तान और बांग्लादेश में पेट्रोल-डीजल की किल्लत से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर कर यहां पैनिक की स्थिति पैदा करने की कोशिश की जा सकती है।

उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन को सोशल मीडिया पर ऐसी गतिविधियों की निगरानी रखनी चाहिए, ताकि लोगों में किसी तरह की अफवाह न फैले।

प्रदेश में इतनी है खपत

अजय सिंह के अनुसार मध्यप्रदेश में सालाना करीब 1200 मीट्रिक लीटर पेट्रोल और 1600 मीट्रिक लीटर डीजल की खपत होती है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल को स्टॉक किया जा सकता है, लेकिन रसोई गैस के मामले में यह संभव नहीं होता, इसलिए उस पर ज्यादा निगरानी जरूरी है।

घरेलू गैस की सप्लाई सामान्य

इधर रसोई गैस डीलर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि आरके गुप्ता ने बताया कि कॉमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई फिलहाल बंद है, लेकिन घरेलू गैस की आपूर्ति सामान्य है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को लेकर मंगलवार शाम चार बजे भोपाल जिला प्रशासन की बैठक प्रस्तावित है, जिसमें स्थिति की समीक्षा कर आगे के निर्णय लिए जा सकते हैं।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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