MP : पहली बार नर्मदा पर बनेगी 7 KM लंबी पेंटिंग, मंत्री की बेटी करेगी दो साल की नर्मदा यात्रा, डूबे हुए तपस्थल भी दिखेंगे

भोपाल। प्रदेश के पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल की बेटी प्रतिज्ञा सिंह पटेल 1330 किलोमीटर की नर्मदा परिक्रमा करने जा रहीं हैं। प्रतिज्ञा की यह यात्रा परिक्रमा करने वाले दूसरे यात्रियों से अलग होगी। प्रतिज्ञा करीब दो साल में नर्मदा परिक्रमा पूरी करेंगी।
15 दिसंबर को अमरकंटक से प्रतिज्ञा की यात्रा शुरू होगी। इस मौके पर मंत्री प्रहलाद पटेल और उनके परिजन मौजूद रहेंगे।
प्रतिज्ञा पटेल अमरकंटक से लेकर नर्मदा नदी के अरब सागर तक के सफर का चित्रांकन करेंगी।1330 किलोमीटर की इस यात्रा में नदी के दोनों किनारों के दृश्यों की पेंटिंग बनाएंगी।
हर 150 किलोमीटर के दृश्य एक किलोमीटर की पेंटिंग पर उकेरे जाएंगे। अमरकंटक, ओंकारेश्वर जैसे कुछ स्थानों के चित्रण में करीब डेढ़ से दो किलोमीटर की पेंटिंग हो सकती है। इस तरह 1330 किलोमीटर की नर्मदा यात्रा को सात किलोमीटर की पेंटिंग में बनाने की तैयारी है।

डूब में आए स्थल भी पेंटिंग में दिखेंगे
प्रतिज्ञा कहतीं हैं कि मेरे माता-पिता, चाचा, मामा-मामी नर्मदा परिक्रमा कर चुके हैं। पापा ने 1994 में पहली नर्मदा परिक्रमा की थी। इसके बाद 2005 में पापा और मम्मी दोनों ने साथ में नर्मदा परिक्रमा की थी। पापा (प्रहलाद पटेल) के पास नर्मदा परिक्रमा की 52 मिनट की वीडियो रिकॉर्डिंग है।

उसके आधार पर मैं अपनी पेंटिंग्स में यह दिखाऊंगी कि 1994 में नर्मदा किनारे कौन से तप स्थल कहां कैसे दिखते थे। 2005 में कहां कैसे दृश्य थे।
मामी भी साथ में करेंगी यात्रा
प्रतिज्ञा ने बताया कि नर्मदा यात्रा में मेरी मामी मेरे साथ जा रहीं हैं। चूंकि पेंटिंग के लिए स्टैंड और काफी सामान की जरूरत होगी। इसलिए मैंने एक मिनी ट्रक इस यात्रा के लिए तैयार कराया है। उस ट्रक के जरिए यात्रा होगी।

ड्रोन की मदद से कैद होंगे नर्मदा किनारे के दृश्य
प्रतिज्ञा कहती हैं कि नर्मदा किनारे जहां पहुंचने में दिक्कत है वहां ड्रोन की मदद से वीडियो और फोटोग्राफी कराकर फिर पेंटिंग बनाई जाएगी। मैं अपनी पेंटिंग में पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले एक्रेलिक और सिंथेटिक के बजाए नेचुरल कलर जैसे पत्थर से रंग और गोंद की मदद से कलर तैयार करूंगी।
पर्यावरण संरक्षण का भी होगा संदेश
प्रतिज्ञा कहतीं हैं कि यात्रा के पीछे विचार ये है कि लोग नर्मदा को जिस आस्था के भाव से देखते हैं वह जीवनदायिनी नर्मदा मैया को साफ-स्वच्छ रखने के लिए लोग जागरूक हों।

प्राचीन समय में लोग नर्मदा को साफ रखने के लिए तांबे के सिक्के डालते थे। कपास के वस्त्र प्रवाहित करते थे जो बाद में मछलियों का भोजन बनता था। अब समय बदला है लोग पानी साफ करने के लिए काला नमक, फिटकरी डालते हैं।
यदि हम प्लास्टिक युक्त कपडे़ डालेंगे तो वह नर्मदा मैया के प्रदूषण का कारण बनेगा। मैं नर्मदा यात्रा में पर्यावरण और मैया के संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक करने वाले चित्र बनाऊंगी।सिंहस्थ में पेंटिंग होगी प्रदर्शित
प्रतिज्ञा ने बताया कि पहले चरण में मेरी यात्रा करीब पांच महीनों की होगी। बारिश शुरू होने के पहले इसका पहला चरण खत्म होगा। अनुमान है कि इस यात्रा में करीब ढ़ाई साल का वक्त लगेगा। नर्मदा यात्रा पूरी होने के बाद 2028 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ में इस पेंटिंग को प्रदर्शित किया जाएगा।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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