भोपाल. मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार एक बार फिर बाजार से बड़ा कर्ज लेने जा रही है। राज्य सरकार आज कुल 1800 करोड़ रुपए का ऋण उठाएगी। इसमें 1200 करोड़ रुपए और 600 करोड़ रुपए के दो अलग-अलग राज्य विकास ऋण (SDL) शामिल हैं। इससे पहले सरकार चालू वित्त वर्ष के अप्रैल महीने में ही 4600 करोड़ रुपए का कर्ज ले चुकी है।
वित्त विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार सरकार ने “7.86% मध्यप्रदेश राज्य विकास ऋण 2042” के तहत 1200 करोड़ रुपए का बॉन्ड जारी किया है। इसके साथ ही 600 करोड़ रुपए का एक अन्य ऋण भी लिया जा रहा है। यह ऋण 15 अप्रैल 2026 से प्रभावी माना जाएगा, जबकि इसकी नीलामी 12 मई 2026 को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के मुंबई कार्यालय के माध्यम से की गई थी। ऋण राशि का भुगतान आज किया जाएगा।
बॉन्ड की अवधि 16 वर्ष तय
सरकार द्वारा जारी बॉन्ड की अवधि 16 वर्ष तय की गई है और इसकी मैच्योरिटी 15 अप्रैल 2042 को होगी। निवेशकों को इस पर 7.86 प्रतिशत वार्षिक ब्याज मिलेगा। ब्याज का भुगतान हर वर्ष 15 अक्टूबर और 15 अप्रैल को अर्धवार्षिक आधार पर किया जाएगा।नीलामी प्रक्रिया RBI के ई-कुबेर (E-Kuber) सिस्टम के माध्यम से ऑनलाइन संपन्न हुई। राज्य सरकार ने कुल अधिसूचित राशि का 10 प्रतिशत हिस्सा गैर-प्रतिस्पर्धात्मक बोलीदाताओं के लिए आरक्षित रखा है। साथ ही किसी एकल बोलीदाता को अधिकतम 1 प्रतिशत राशि तक ही आवंटन किया जा सकेगा।
विकास योजनाओं में होगा उपयोग
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस ऋण से प्राप्त राशि का उपयोग प्रदेश की उत्पादक विकास योजनाओं और विभिन्न परियोजनाओं के वित्तपोषण में किया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार से आवश्यक अनुमति भी प्राप्त कर ली गई है।
वित्तीय एवं बजटीय स्थिति रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2024-25 में मध्य प्रदेश को 1573.12 करोड़ रुपए का राजस्व अधिशेष प्राप्त हुआ था, जबकि वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान में 7.26 करोड़ रुपए का राजस्व अधिशेष दर्शाया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार 31 मार्च 2025 तक मध्य प्रदेश सरकार पर कुल 4 लाख 14 हजार 611.56 करोड़ रुपए का ऋण बकाया है। इसमें बाजार ऋण, वित्तीय संस्थानों से लिए गए कर्ज, केंद्र सरकार से प्राप्त ऋण और अन्य देनदारियां शामिल हैं।
अप्रैल में भी लिया था बड़ा कर्ज
सरकार इससे पहले अप्रैल 2026 में 4600 करोड़ रुपए का कर्ज बाजार से उठा चुकी है। अब फिर 1800 करोड़ रुपए का अतिरिक्त ऋण लिया जा रहा है। सरकार लगातार बाजार से उधारी लेकर विकास कार्यों और योजनाओं के लिए संसाधन जुटाने में लगी हुई है
मोहन सरकार ने 7.86 प्रतिशत ब्याज पर लिया कर्ज:सरकार के खाते में आज आएंगे 1800 करोड़; डेढ़ महीने में बाजार से उठाए 6400 करोड़
