War : 48 घंटे में तीन NATO देशों पर ईरान का अटैक

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी जंग अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गई है जहां से विश्व युद्ध की आहट सुनाई देने लगी है. पिछले 48 घंटों के भीतर ईरान और उसके सहयोगी मिलिशिया गुटों ने सीधे तौर पर तीन NATO सदस्य देशों फ्रांस, इटली और तुर्की के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. इन हमलों ने न केवल क्षेत्रीय तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है, बल्कि उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (NATO) के इस युद्ध में सीधे तौर पर कूदने की आशंका भी बढ़ा दी है.

जानकारी के मुताबिक, इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में स्थित सैन्य ठिकानों और तुर्की के एक अहम एयरबेस को मिसाइल और ड्रोन हमलों का निशाना बनाया गया. इन घटनाओं के बाद NATO देशों की चिंता बढ़ गई है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.

सबसे गंभीर घटना इराक के इरबिल के पास हुई, जहां ईरान समर्थित मिलिशिया के ड्रोन हमले में फ्रांस के एक सैनिक की मौत हो गई. फ्रांसीसी सेना के अनुसार, इरबिल से करीब 40 किलोमीटर दूर एक प्रशिक्षण केंद्र में सैनिक कुर्द बलों को ISIS के खिलाफ लड़ाई का प्रशिक्षण दे रहे थे. इसी दौरान ड्रोन हमला हुआ.

इस हमले में फ्रांसीसी सेना के अधिकारी अर्नो फ्रेयन की मौत हो गई, जबकि कम से कम छह अन्य सैनिक घायल बताए जा रहे हैं. घटना के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ रहे सैनिकों पर हमला अस्वीकार्य है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जवाब देना होगा.

इटली के सैन्य ठिकाने पर भी हमला

इसी दौरान इराक के इरबिल में ही एक अन्य सैन्य ठिकाने को भी निशाना बनाया गया, जहां इटली के सैनिक तैनात हैं. मिसाइल हमले में बेस के आसपास विस्फोट हुआ, हालांकि शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक इसमें किसी के घायल होने की खबर नहीं है. सैन्य अधिकारियों के अनुसार, यह हमला भी ईरान समर्थित गुटों द्वारा किया गया माना जा रहा है. इस हमले ने इराक में तैनात NATO देशों की सेनाओं के लिए खतरे की घंटी बजा दी है.

तुर्की के इन्किर्लिक एयर बेस पर मिसाइल

तीसरा हमला तुर्की के प्रसिद्ध इन्किर्लिक एयर बेस पर किया गया. यह बेस NATO के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है और यहां अमेरिकी व सहयोगी सेनाओं की मौजूदगी रहती है. रिपोर्ट के मुताबिक ईरान की ओर से दागी गई मिसाइल को NATO की हवाई सुरक्षा प्रणाली ने हवा में ही रोक लिया, जिससे बड़ा नुकसान टल गया. हालांकि इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया है.

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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