अवैध रेत परिवहन ने ली एक और जान, परिजनों का हंगामा, चक्का जाम, परिवहन मंत्री पर संरक्षण देने के आरोप…

नरसिंहपुर। जिले में शनिवार शाम हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने इलाके में भारी आक्रोश पैदा कर दिया। संसारखेड़ा रेत खदान के पास रेत से भरे तेज रफ्तार डंपर ने 20 वर्षीय शैलेश को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार डंपर का टायर युवक के ऊपर से गुजर गया और शरीर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
हादसे के बाद ग्रामीणों और परिजनों ने स्टेट हाईवे-44 पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। शाम करीब 7 बजे शुरू हुआ प्रदर्शन देर रात तक जारी रहा। सड़क के दोनों ओर करीब 7 किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। प्रशासन ने बाद में ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट करना शुरू किया।
ग्रामीणों का आरोप है कि रेत खदानों से निकलने वाले डंपर तेज रफ्तार और लापरवाही से चलते हैं, लेकिन प्रशासन और खदान संचालकों की मिलीभगत के कारण कार्रवाई नहीं होती। प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं ने आरोप लगाया कि खदान संचालकों की अधिकारियों से सांठगांठ है, इसलिए लगातार हादसों के बावजूद व्यवस्था नहीं सुधर रही।
परिवहन मंत्री पर संरक्षण देने का आरोप
प्रदर्शनकारियों ने उदयप्रताप सिंह पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि रेत कारोबार से जुड़े लोगों को संरक्षण दिया जा रहा है। ग्रामीणों की मांग है कि:
तेज रफ्तार डंपरों पर तत्काल रोक लगे,
जिम्मेदार चालक और संबंधित लोगों पर सख्त कार्रवाई हो,
अवैध रेत खदानों को बंद किया जाए,
और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।
बताया जा रहा है कि हादसे के बाद डंपर चालक वाहन लेकर भागने की कोशिश कर रहा था, जिससे लोगों का गुस्सा और भड़क गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी देर रात तक मौके पर मौजूद रहे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास करते रहे।
यहाँ उल्लेखनीय है कि नरसिंहपुर में कई इलाकों में प्रतिबन्ध के बावजूद रेत का अवैध खनन और परिवहन हो रहा है और इसमें मंत्री के लोग भी शामिल बताये जाते हैँ। मंत्री द्वारा संरक्षण दिया जा रहा है, कई बार. इसके प्रमाण भी. मिल चुके हैँ। माफिया के खिलाफ यदि. क़ोई कार्रवाई करता हैँ तो मंत्रो द्वारा रुकवा दिया जाता है या ऐसे अफसरों को हटवा दिया जाता है।






