हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा – ज्ञानेश कुमार को भारतरत्न मिलना चाहिए…

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के लिए धुआंधार प्रचार कर रहे असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री कपित सिब्बल पर तगड़ा तंज कसा है। पश्चिम बंगाल के अमरहाटी में मीडिया से बातचीत में सरमा ने कहा कि भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को भारत रत्न दिया जाना चाहिए, क्योंकि देश SIR को पूरा करने में उनके योगदान को नहीं भूलेगा। सरमा ने कहा कि SIR असम में भी लागू किया जाना चाहिए। दरसअल कपिल सिब्बल ने केंद्रीय चुनाव आयोग के प्रमुख ज्ञानेश कुमार को पद्मविभूषण देने के मांग की थी। सरमा ने अब देश का सर्वोच्च सम्मान के योग्य बताकर सिब्बल पर हमले पर तगड़ा तंज कसा है।
कपिल सिब्बल ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर तंज कसते हुए कहा था ज्ञानेश कुमार को पद्मविभूषण मिलना चाहिए। इसका जवाब देते हुए हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि ज्ञानेश कुमार ने जिस तरह एसआईआर कराया है, इसके लिए उन्हें भारतरत्न मिलना चाहिए। अब सिब्बल के बयान पर हिमंत बिस्वा सरमा अपनी प्रतिक्रिया दी है। केरल कैडर के सेवानिवृत्त आईएएस ज्ञानेश कुमार को केंद्र सरकार ने 19 फरवरी, 2025 को मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्त किया था। 27 जनवरी, 1964 को जन्में ज्ञानेश कुमार अपने फैसलों को लेकर लंबे समय से विपक्ष के निशाने पर हैं। उन्होंने राजीव कुमार की जगह ली थी। ज्ञानेश कुमार ने सबसे पहले बिहार में एसआईआर कराया था। इसके बाद बिहार समेत 12 राज्यों में एसआईआर का ऐलान किया था। ज्ञानेश कुमार कह चुके हैं कि एसआईआर पूरे देश में होगा।
कांग्रेस ने नियुक्ति पर जताई थी आपत्ति
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार 1988 बैच के आईएएस हैं। जब केंद्र सरकार ने ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति बतौर मुख्य चुनाव आयुक्त की थी तब काफी विवाद हुआ था क्योंकि उनकी नियुक्ति पर तब कांग्रेस पार्टी ने आपत्ति व्यक्त की थी। ज्ञानेश कुमार 31 जनवरी, 2024 को यूनियन कोऑपरेशन सेक्रेटरी के पद से रिटायर हुए थे। उन्होंने इस मंत्रालय में मई, 2022 से जनवरी, 2024 तक तैनात रहे थे और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आधीन काम किया था। दो महीने बाद मार्च, 2024 में उन्हें चुनाव आयुक्त बनाया गया था। यूनियन कोऑपरेशन सेक्रेटरी से पहले वह गृह मंत्रालय में थे।





