दतिया उपचुनाव: भाजपा में बगावत के बीच धारा 163 लागू, नरोत्तम मिश्रा ने समर्थकों से कहा- सड़कें जाम न  करें

दतिया। मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को होने वाले उपचुनाव से पहले भाजपा में टिकट को लेकर बड़ा राजनीतिक संकट खड़ा हो गया है। पार्टी द्वारा पूर्व संगठन मंत्री आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों का विरोध उग्र हो गया। कई जगह चक्काजाम, पथराव और पुलिस से झड़प की घटनाएं सामने आईं। हालात बिगड़ने पर प्रशासन ने पूरे जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी है।
जिले में लागू हुई धारा 163
प्रशासन के आदेश के बाद बिना अनुमति किसी भी प्रकार की सभा, जुलूस, धरना-प्रदर्शन और सार्वजनिक आयोजन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। साथ ही पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर भी रोक लगा दी गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिले में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
पथराव में एसपी समेत कई पुलिसकर्मी घायल
शनिवार तड़के करीब 4:30 बजे प्रदर्शन के दौरान पथराव हुआ, जिसमें पुलिस अधीक्षक (एसपी), एसडीओपी और आठ पुलिसकर्मी घायल हो गए। कुछ प्रदर्शनकारियों के घायल होने की भी सूचना है। इसके बाद पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी।
भाजपा कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल
बड़ौनकलां क्षेत्र में जाम की सूचना मिलने के बाद प्रशासन ने एहतियातन दतिया स्थित भाजपा कार्यालय में मौजूद करीब 250 कार्यकर्ताओं को कुछ समय तक अंदर ही रोके रखा। कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया ताकि स्थिति दोबारा न बिगड़े।
रातभर हाईवे पर डटे रहे समर्थक
टिकट बदलने के विरोध में 500 से अधिक भाजपा कार्यकर्ता रातभर सड़क पर डटे रहे। डबरा के हरिपुर तिराहे सहित कई स्थानों पर चक्काजाम किया गया। बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया। विरोध प्रदर्शन के कारण ग्वालियर-झांसी हाईवे पर लंबा जाम लग गया और पड़ोसी जिलों से भी समर्थक दतिया पहुंच गए।
जिलाध्यक्ष समेत कई नेताओं के इस्तीफे
विरोध के बीच भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर सरण सहित कई पदाधिकारियों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। नगर मंत्री और पार्टी कोषाध्यक्ष ने भी पद छोड़ा। समर्थकों का दावा है कि कई पार्षदों ने भी सामूहिक इस्तीफे सौंप दिए हैं।
नरोत्तम मिश्रा ने की शांति की अपील
डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने समर्थकों से संयम बरतने की अपील करते हुए कहा कि उम्मीदवार का चयन पार्टी का निर्णय है और उसका सम्मान किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर पेट्रोल और मिट्टी का तेल डालने जैसे वीडियो सामने आए हैं, लेकिन ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जाना चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सड़कें अवरुद्ध नहीं करने और अपनी बात पार्टी के संगठनात्मक मंच पर रखने की सलाह दी।
आशुतोष तिवारी बोले- नरोत्तम जी हमारे अभिभावक
भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने कहा कि पार्टी ने जो जिम्मेदारी सौंपी है, उसे वे पूरी निष्ठा से निभाएंगे। उन्होंने कहा कि डॉ. नरोत्तम मिश्रा उनके अभिभावक हैं और उन्होंने फोन कर शुभकामनाएं भी दी हैं।
ट्रैफिक डायवर्ट, अतिरिक्त पुलिस बल तैनात
हाईवे जाम के चलते पुलिस ने झांसी और ग्वालियर की ओर जाने वाले वाहनों का रूट डायवर्ट किया। दतिया और ग्वालियर पुलिस ने संयुक्त रूप से यातायात व्यवस्था संभाली। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मंजीत सिंह चावला ने बताया कि कई स्थानों पर प्रदर्शन जारी रहने के कारण पुलिस मुख्यालय से अतिरिक्त बल मांगा गया है और प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर हालात सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है।
चुनावी तस्वीर
दतिया विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को मतदान होना है। उपचुनाव के लिए अब तक 13 लोगों ने नामांकन पत्र खरीदे हैं, जबकि चार उम्मीदवार नामांकन दाखिल कर चुके हैं। डॉ. नरोत्तम मिश्रा भी टिकट की उम्मीद में चुनावी तैयारी कर रहे थे और नामांकन फॉर्म खरीद चुके थे, लेकिन अंतिम समय में भाजपा ने आशुतोष तिवारी को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया, जिसके बाद पार्टी के भीतर विरोध खुलकर सामने आ गया।

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