Bhopal : ट्विशा शर्मा की मौत का सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया, CJI की बेंच सोमवार को करेगी सुनवाई

भोपाल। एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया है। देश की सबसे बड़ी अदालत ने इस मामले का स्वत: संज्ञान लिया है, जिससे जांच पर सीधे न्यायिक निगरानी की संभावना बढ़ गई है। सोमवार को Supreme Court of India में चीफ जस्टिस की बेंच इस केस की सुनवाई करेगी।
मामले में ट्विशा के पति समर्थ सिंह फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं। भोपाल जिला अदालत ने उन्हें 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजते हुए पासपोर्ट जब्त करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, ट्विशा के शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है, जिसके लिए All India Institute of Medical Sciences (AIIMS दिल्ली) की चार सदस्यीय विशेषज्ञ टीम भोपाल पहुंच चुकी है। टीम हाईटेक फॉरेंसिक उपकरणों के साथ जांच करेगी।

12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में ट्विशा की मौत हुई थी। ससुराल पक्ष इसे आत्महत्या बता रहा है, जबकि मायके वालों ने पति और ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगाया है। परिवार की ओर से सास गिरिबाला की जमानत रद्द करने की मांग भी अदालत में की गई है, जिस पर सोमवार को सुनवाई होगी।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने मामले की जांच Central Bureau of Investigation (CBI) को सौंपने पर सहमति जताई है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि जांच राज्य पुलिस से आगे बढ़कर केंद्रीय एजेंसी तक जा सकती है।

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जांच के दौरान कई नए तथ्य सामने आए हैं। ट्विशा का एक CCTV वीडियो मिला है, जिसमें वह मौत से कुछ घंटे पहले ससुराल के पास स्थित एक ब्यूटी पार्लर में मेकअप कराती दिखाई दे रही हैं। वीडियो में वह सामान्य और शांत नजर आ रही हैं। पुलिस ने यह फुटेज जब्त कर लिया है।
इसके अलावा पुलिस जांच में यह भी पता चला कि ट्विशा ने 12 मई की सुबह भोपाल-जयपुर एक्सप्रेस में रिजर्वेशन कराया था और 15 मई को अजमेर जाने की योजना थी, जहां उनके भाई मेजर हर्षित शर्मा की पोस्टिंग बताई गई है। इस तथ्य को भी जांच में अहम माना जा रहा है, क्योंकि परिवार का कहना है कि भविष्य की यात्रा की योजना बना रही महिला आत्महत्या जैसा कदम क्यों उठाए।

समर्थ सिंह ने शुक्रवार को जबलपुर कोर्ट में सरेंडर किया था, जहां मौजूद भोपाल पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। फरारी के दौरान उन्होंने कथित तौर पर अपना हुलिया भी बदल लिया था। इसी बीच Bar Council of India ने समर्थ सिंह का वकालत लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
ट्विशा के परिजनों की ओर से जांच पर भी सवाल उठाए गए हैं। परिवार के वकील ने आरोप लगाया है कि कटारा थाना प्रभारी समेत कुछ पुलिसकर्मी आरोपियों के संपर्क में थे। उन्होंने ऐसे अधिकारियों को SIT से हटाकर जांच के दायरे में लाने की मांग की है। परिवार निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है।

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पूर्व जज गिरिबाला सिंह

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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