पटना। बिहार कैडर के चर्चित IPS अधिकारी अपर पुलिस महानिदेशक (एससीआरबी) अमित लोढ़ा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। आय से अधिक संपत्ति मामले में अमित लोढ़ा के विरुद्ध राज्य सरकार ने अभियोजन (केस चलाने) की मंजूरी दे दी है।
राज्य सरकार ने यह मंजूरी आईपीसी या बीएनएस के तहत दर्ज धाराओं में दी है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत दर्ज मामले में केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद उनके खिलाफ अभियोजन की कार्यवाही शुरू होगी।
गृह विभाग ने अभियोजन की मंजूरी दिए जाने की पुष्टि की है। केंद्र सरकार से हरी झंडी मिलते ही जांच एजेंसी निगरानी न्यायालय में चार्जशीट दाखिल करेगी।
जानकारी के अनुसार, अमित लोढ़ा को एडीजी पद पर प्रोन्नति दिए जाने के महीने भर बाद ही राज्य सरकार ने उनके खिलाफ अभियोजन मंजूरी की संभावना पर विचार करने के लिए कमेटी का गठन किया था। इस कमेटी की रिपोर्ट पर राज्य सरकार ने केस चलाने की मंजूरी दी है।
रिपोर्ट के मुताबिक बिहार सरकार ने अमित लोढ़ा के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दे दी है। अब यह फाइल गृह मंत्रालय को भेजी गई है। केंद्र सरकार की अनुमति मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। SVU ने 7 दिसंबर 2022 को अमित लोढ़ा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया था। यह मुकदमा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1998 के तहत दर्ज किया गया था। जांच में पता चला कि उनके पास 2 करोड़ 50 लाख रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति है। SVU ने 2024 में ही राज्य सरकार से मुकदमा चलाने की अनुमति मांगी थी। अब सरकार ने इसकी स्वीकृति दे दी है। अमित लोढ़ा पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी पद पर रहते हुए भ्रष्टाचार किया और निजी लाभ के लिए वित्तीय अनियमितताएं कीं। उन्होंने नेटफ्लिक्स और फ्राइडे स्टोरी टेलर के साथ व्यावसायिक कार्य भी किए। जांच में आरोप सही पाए जाने पर SVU ने केस दर्ज किया था।
गया के एसएसपी से हुआ था विवाद
अमित लोढ़ा जब गया में आईजी थे, तब उनका वहां के एएसपी आदित्य कुमार से विवाद हुआ था। इसके बाद दोनों का तबादला कर दिया गया और दोनों के खिलाफ केस दर्ज हुआ। आदित्य कुमार को निलंबित कर दिया गया और वे जेल भी गए। आदित्य कुमार पर डीजीपी को फर्जी कॉल कराने का भी आरोप है। कहा जा रहा है कि आदित्य कुमार खुद अमित लोढ़ा को फंसाना चाहते थे। बाद में SVU ने आदित्य कुमार के खिलाफ भी आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया। अमित लोढ़ा ने अपनी पदोन्नति के लिए केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) में अपील की थी। कैट ने उनके पक्ष में फैसला सुनाया, जिसके बाद सरकार ने उन्हें आईजी से एडीजी बनाया।
प्रमोशन के बाद सरकार ने उनके खिलाफ अभियोजन की मंजूरी पर विचार करने के लिए कमेटी बनाई। कमेटी की रिपोर्ट के बाद सरकार ने अभियोजन की स्वीकृति दे दी। अब केंद्र सरकार की स्वीकृति का इंतजार है।
जयपुर के रहने वाले हैं अमित लोढ़ा
बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी अमित लोढ़ा आईआईटी दिल्ली से पासआउट हैं। 22 फरवरी 1974 को जयपुर (राजस्थान) में जन्मे अमित लोढ़ा अपने स्कूल के टॉपर्स थे। बिहार के सबसे कुख्यात अपराधी ‘शेखपुरा के गब्बर’ चंदन महतो को पकड़ना उनके करियर के सबसे बड़े ऑपरेशंस में एक था। उसके बाद अमित लोढ़ा बिहार के ‘सुपरकॉप’ बन गए। अपने अनुभवों को ‘बिहार डायरीज’ नाम के किताब में संकलित किया। बाद में ‘खाकी: द बिहार चैप्टर’ वेब सीरीज बना, जो काफी सफल रहा।
