RBI ने बाजार में झोंके ₹1 लाख 10 हजार करोड़, रुपया बचाने के लिए चला बड़ा दांव

नई दिल्ली: ईरान-इजरायल युद्ध के बीच भारतीय रुपये में बड़ी गिरावट आई है। हालांकि इसे बचाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ( RBI ) ने बड़ा दांव चला है। 7 बैंकरों के मुताबिक आरबीआई ने इस हफ्ते बाजार में करीब 12 अरब डॉलर (करीब 1.10 लाख करोड़ रुपये) झोंके हैं।

बैंकरों के अनुसार रिजर्व बैंक ने विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर बेचकर रुपये में गिरावट को रोकने की कोशिश की। हालांकि रिजर्व बैंक की ओर से बाजार में कितने रुपये झोंके गए, इस बारे में अलग-अलग अनुमान है। रॉयटर्स के मुताबिक यह रकम 9 अरब डॉलर से लेकर 15 अरब डॉलर से ज्यादा तक हो सकती है।

ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमले को आज शुक्रवार को 7वां दिन है। इस हमले के बाद ईरान ने भी यूएई समेत खाड़ी के कई देशों को निशाना बनाया है। ऐसे में मिडिल ईस्ट का यह तनाव दुनिया के बाजारों में दिखाई दे रहा है। युद्ध के कारण इस हफ्ते क्रूड ऑयल की कीमतें लगभग 16% तक बढ़ गई हैं।

बाजार में गिरावट से लुढ़का रुपया
मिडिल ईस्ट के इस संघर्ष का असर शेयर मार्केट पर भी दिखाई दे रहा है। शुक्रवार को सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा गिरकर बंद हुआ। बाजार ने करीब 2 अरब डॉलर का विदेशी निवेश बाहर निकला। आयातकों ने नजदीकी भुगतान के जोखिम से बचने के लिए ज्यादा हेजिंग शुरू कर दी। इन परिस्थितियों में रुपया दबाव में आकर रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गया था।

RBI का बड़ा दांव
भारत के पास फिलहाल 723 अरब डॉलर से अधिक का विदेशी मुद्रा भंडार है, जो दुनिया के सबसे बड़े भंडारों में से एक है। इसी ताकत के दम पर रिजर्व बैंक ने बाजार में बड़े पैमाने पर डॉलर बेचकर रुपये को संभालने की कोशिश की। शुक्रवार शाम को रुपया 10 पैसे टूटकर 91.74 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। हालांकि इससे पहले इसमें कुछ तेजी आई थी। इस तेजी का कारण अमेरिका की ओर से भारत को 30 दिनों तक रूसी तेल खरीदने की छूट था।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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