MP : अधूरी प्रोफाइल पर सख्त सरकार, वित्त विभाग ने रोका जून माह का वेतन

भोपाल। प्रदेश में वित्त विभाग ने प्रदेश के उन कर्मचारियों, अधिकारियों पर बेहद सख्त रुख अपना लिया है जिनकी प्रोफाइल अधूरी है। ऐसे कर्मचारियों, अधिकारियों के जून माह के वेतन पर संकट आ गया है। विभाग ने सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों की प्रोफाइल को इंटीग्रेटेड फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम यानि IFMIS पोर्टल पर समग्र आइडी ID और आधार से लिंक नहीं कराने वाले सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों यानि DDO के वेतन तो रोक ही दिए हैं। इसके साथ ही ऐसे कर्मचारियों पर भी ये कार्रवाई की जा सकती है। बताया जा रहा है कि मार्च 2025 में एंट्री और लिंकिंग के लिए विशेष अभियान चलाने के बाद भी 20 प्रतिशत कर्मचारियों की प्रोफाइल अधूरी पड़ी है। यही कारण है कि वित्त विभाग ने सख्ती की है।

प्रदेशभर के ऐसे DDO को तब तक वेतन नहीं देने के निर्देश हैं जब तक वे कर्मचारियों, अधिकारियों के आधार और समग्र लिंकिंग के ई-केवाईसी का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत नहीं कर देते। वित्त विभाग ने राज्य के सभी जिला कोषालय अधिकारियों को ये स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं।
वित्त विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिन आहरण और संवितरण अधिकारियों DDO के क्षेत्र के कर्मचारियों की पूरी प्रोफाइल लिंक नहीं कराई गई है, उन्हें जून माह का वेतन नहीं दिया जाएगा। सभी कर्मचारियों की समग्र आइडी और आधार लिंकिंग पूरी होने संबंधित प्रमाण-पत्र पेश करने पर ही वेतन दिया जाएगा।

कर्मचारियों की प्रोफाइल पूरी नहीं होने पर वित्त विभाग इतना सख्त है कि अधिकारियों के वेतन रोकने के साथ कर्मचारियों को भी स्पष्ट चेतावनी दे दी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है लिंकिंग की प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं की तो न केवल DDO की सेलरी रुकेगी बल्कि ऐसे कर्मचारियों का वेतन भी अटक सकता है। वित्त विभाग की इस सख्ती का असर भी दिखाई दे रहा है। संबंधित जिलों के डीडीओ एक्टिव हुए हैं और लिंकिंग कराने के लिए कर्मचारियों, अधिकारियों पर दबाव डाल रहे हैं।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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