Hormuj : खुल गया स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ से दुनिया ने ली राहत की सांस, अमेरिकी निगरानी में गुजर रहे जहाज

नई दिल्ली।अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे विदेशी जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ शुरू कर दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद इस अभियान की शुरुआत की घोषणा की. इसके साथ ही उन् होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान इस प्रक्रिया में बाधा डालेगा तो उसे सख्ती से निपटा जाएगा. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा- ‘कई जहाज खाने-पीने और जरूरी सामान की कमी से जूझ रहे हैं. हम इन निर्दोष जहाजों को, जो युद्ध में बिल्कुल शामिल नहीं हैं, सुरक्षित बाहर निकाल रहे हैं.’ उन्होंने इसे मानवीय कदम बताया और कहा कि ईरान सहित मिडिल ईस्ट के देशों को भी फायदा होगा.

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बताया कि अमेरिका का ये मिशन काफी व्यापक है और इस मिशन में मिसाइल डिस्ट्रॉयर, 100 से ज्यादा विमान, ड्रोन और 15,000 सैनिक शामिल हैं. CENTCOM कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि यह क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी है. आपको बता दें कि स्ट्रेट ऑप होर्मुज से दुनिया का लगभग 20% तेल और बड़ी मात्रा में गैस व उर्वरक गुजरता है. 28 फरवरी को शुरू हुए ईरान युद्ध के बाद ईरान ने इसे प्रभावी रूप से बंद कर रखा था.

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि राष्ट्रपति के निर्देश पर यह मिशन उन व्यापारिक जहाजों की मदद के लिए है, जो इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्ते से सुरक्षित गुजरना चाहते हैं. इस जलमार्ग से दुनिया के लगभग 25% समुद्री तेल के साथ-साथ ईंधन और खाद जैसे जरूरी सामान भी बड़ी मात्रा में भेजे जाते हैं. सेंटकॉम के कमांडर कूपर ने कहा कि इस रक्षात्मक मिशन में उनकी मदद क्षेत्र की सुरक्षा और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बहुत जरूरी है, जबकि साथ ही नौसैनिक घेराबंदी भी जारी रखी जा रही है

ईरान का रुख
ईरान ने साफ कहा है कि वह होर्मुज पर अपना नियंत्रण नहीं छोड़ेगा. उप-संसद अध्यक्ष अली निकजाद ने कहा कि हम युद्ध से पहले वाली स्थिति पर नहीं लौटेंगे. वहीं ईरानी मीडिया ने कुछ जहाजों को दस्तावेज जांच के नाम पर रोके जाने की बात कही. रविवार को एक कार्गो जहाज पर छोटे जहाजों ने हमला किया, हालांकि ईरान ने इसे दस्तावेज जांच बताया. यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने इसे हाल के हमलों की कड़ी बताया.

होर्मुज पर क्या स्थिति?
ट्रंप ने कहा कि उनके प्रतिनिधि ईरान के साथ सकारात्मक चर्चा कर रहे हैं, जो सभी के लिए अच्छा परिणाम दे सकती है. अमेरिका ने ईरान के 14-पॉइंट प्रस्ताव पर जवाब दिया है. ईरान फिलहाल इसकी समीक्षा कर रहा है, लेकिन न्यूक्लियर मुद्दे को बाद में रखने की बात कही है. अमेरिका के ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ से होर्मुज में जहाजों की आवाजाही धीरे-धीरे सामान्य होने की उम्मीद है. अमेरिका-ईरान के बीच चल रही बातचीत अगर सफल रही तो युद्ध समाप्ति और होर्मुज पूरी तरह खुलने की राह निकल सकती है. फिलहाल, मानवीय आधार पर जहाजों को निकालना दोनों पक्षों के लिए राहत की खबर है.

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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