MP : गाडरवारा में माफिया ने किया था भाजपा नेता पवन पटेल पर हमला.. मंत्री की चुप्पी से लगे सवालिया निशान

गाडरवारा. गाडरवारा में भाजपा नेता पवन पटेल पर रेत माफियाओं ने हमला किया, जिससे उसके दोनों पैरों में रॉड डालनी पड़ी और वह अस्पताल में भर्ती है। इस मामले में पुलिस ने हालांकि दो आरोपियों को पकड़ा है, लेकिन क्षेत्रीय विधायक और शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिँह की चुप्पी रहस्य मय बनी हुईं है।

प्रदेश शिक्षा मंत्री उदय प्रतापसिंह के गृह क्षेत्र में शिक्षा की लूट और बढ़ती फीस के खिलाफ आवाज उठाने वाले भाजपा नेता पवन पटेल पर हमला केवल एक दुर्घटना नहीं , बल्कि एक सुनियोजित साजिश है। सवाल उठता ही है कि जब सत्ता पक्ष के लोग ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता का क्या होगा?

दबाने की राजनीति : शिक्षा मंत्री से मिलकर जनहित के मुद्दों (महंगी ड्रेस, किताबें, फीस ) पर बात करने के तुरंत बाद हमला होना यह दर्शाता है कि माफिया को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। कांग्रेस नेता सुनीता पटेल ने पूछा है – पवन पटेल पर हमले के दोषियों को किसका संरक्षण प्राप्त है?क्या शिक्षा मंत्री सिर्फ फीस वृद्धि और पुस्तक माफिया को *संरक्षण देने के लिए कुर्सी पर बैठे * हैं ?कामती में एक डंफर सीधा घर में घुस गया जिससे परिवार के मुखिया की मौके पर मृत्यु हो गई और परिवारजन घायल है।घरों में घुसते डंपरों और उजड़ते परिवारों के लिए जवाबदेही किसकी है?

एक साथ कई घटनाएं गहरी साजिश और खनन माफिया की इनमें बढ़ती हिस्सेदारी चिंता का विषय है, पर अभी तक मंत्री उदय प्रताप सिंह का घटनाओं को लेकर कोई वक्तव्य नहीं आना आश्चर्य जनक है। क्या यह सत्ता के नशे में चूर है और मंत्री पद का अहंकार हो गया है? कांग्रेस ने मांग की है कि इस हमले के पीछे के मास्टरमाइंड और रेत माफिया के राजनेताओं से संबंधों की उच्च स्तरीय जांच हो।
माफिया का बोलबाला : पवन पटेल की वीडियो कांफ्रेंस के अनुसार रेत कंपनियों के गुंडों द्वारा हमला साबित करता है कि प्रदेश में ‘कानून का राज’ नहीं बल्कि ‘माफिया का राज ‘ चल रहा है।

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Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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