नई दिल्ली। सोमवार को वेदांता की चार अलग हुई कंपनियों के शेयर स्टॉक मार्केट में लिस्ट हुए। इनमें वेदांता एल्युमीनियम मेटल लिमिटेड ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया और इसका शेयर 522 रुपये के भाव पर लिस्ट हुआ। यह अरबपति अनिल अग्रवाल के वेदांता ग्रुप के कमोडिटीज कारोबार से अलग हुई अन्य 3 कंपनियों के मुकाबले काफी बेहतर रहा।
बता दें कि NSE पर वेदांता ऑयल एंड गैस का शेयर 38 रुपये पर लिस्ट हुआ, जबकि वेदांता पावर ने 41.8 रुपये और वेदांता आयरन एंड स्टील ने 20 रुपये पर शुरुआत की। वेदांता, जिसमें ये 4 कंपनियां अलग हुई हैं, का शेयर 1.6 प्रतिशत बढ़कर 311.2 रुपये पर ट्रेड कर रहा था।
ऐसे मिला 20 फीसदी से ज्यादा रिटर्न
इन 4 कंपनियों के लिस्टिंग प्राइस और वेदांता की मौजूदा मार्केट वैल्यू के आधार पर, पांचों कंपनियों की कुल अनुमानित वैल्यू वेदांता के ओरिजिनल शेयर के साथ मिलाकर लगभग ₹933 रही। यह 29 अप्रैल को डीमर्जर से पहले वेदांता के ₹773.6 के क्लोजिंग प्राइस से लगभग 20.6 प्रतिशत अधिक है। यानी निवेशकों को 20.6 फीसदी फायदा हुआ है।
इससे ये भी क्लियर है कि इन्वेस्टर्स ने अलग-अलग बिजनेस को एक साथ जुड़े हुए स्ट्रक्चर की तुलना में ज्यादा टोटल वैल्यू दी है।
किस कंपनी का शेयर किस भाव पर हुआ लिस्ट?
वेदांता एल्युमीनियम मेटल लिमिटेड : 522 रुपये
वेदांता ऑयल एंड गैस : 38 रुपये
वेदांता पावर : 41.8 रुपये
वेदांता आयरन एंड स्टील : 20 रुपये
एल्युमीनियम बिजनेस का सबसे बड़ा हिस्सा
रीस्ट्रक्चरिंग से जो वैल्यू अनलॉक हुई, उसमें एल्युमीनियम बिजनेस का सबसे बड़ा हिस्सा रहा। लिस्टिंग से पहले ही एल्युमीनियम यूनिट को ग्रुप की सबसे ज्यादा वैल्यू वाली एसेट माना जा रहा था, क्योंकि इसका स्केल बड़ा है, ऑपरेशन की लागत कम है और ग्रोथ की अच्छी संभावना है।
बता दें कि इसका लिस्टिंग प्राइस ₹522 है, जबकि इसकी लिस्टिंग के लिए अनुमान ₹420-450 प्रति शेयर का लगाया जा रहा था।
1 मई थी रिकॉर्ड डेट
आज हुई चार कंपनियों की लिस्टिंग के साथ वेदांता का डीमर्जर पूरा हो गया है। इसके तहत, 1 मई की रिकॉर्ड डेट तक वेदांता का शेयर रखने वाले शेयरधारकों को वेदांता एल्युमीनियम मेटल, वेदांता ऑयल एंड गैस, वेदांता पावर और वेदांता आयरन एंड स्टील का एक-एक शेयर मिला।
जानकारों का अनुमान है कि अलग-अलग लिस्टिंग से पारदर्शिता बढ़ सकती है और निवेशक पूरे ग्रुप के बजाय हर बिजनेस की वैल्यू अलग-अलग तय कर सकते हैं। सोमवार को शुरुआती वैल्यूएशन से पता चलता है कि निवेशक एल्युमीनियम बिजनेस को काफी अहमियत दे रहे हैं। बाकी अब शेयरों की चाल कैसी रहेगी, ये तो फ्यूचर ही बताएगा।