MP: पुलिस विभाग में जारी ट्रांसफर सूची बनी चर्चा का विषय

भोपाल। राजधानी भोपाल में कल देर रात जारी हुई 185 पुलिसकर्मियों के ट्रांसफर की एक सूची, जिसमे उन आरक्षक प्रधान आरक्षक एवं ASI को शामिल नहीं किया गया जो की लंबे समय से एक ही थानों में पदस्थ हैं। थानों में पदस्थ पुलिसकर्मियों के बीच विगत कुछ दिनों से चर्चा सुनने में थी कि राजधानी भोपाल के थानों में लंबे समय से पदस्थ पुलिस कर्मियों की सूची तैयार की जा रही है और इनको दूसरे थानों में भेजा जाएगा, इसमें वह पुलिसकर्मी भी शामिल होंगे जिन पर कई बार अवैध वसूली, रिश्वतखोरी और अपने काम में लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों को भी शामिल किया जाएगा लेकिन देर रात सूची जारी होने पर थाना छोला, निशातपुरा, कोलार, खजूरीसड़क,ऐशबाग ,बजरिया,अशोका गार्डन,गांधी नगर कोहेफिजा, तलैया, हबीबगंज, शाहपुरा, जैसे थानों में 5 से 8 साल से ऊपर हो चुके पुलिसकर्मी पदस्थ है पर देर रात जारी हुई सूची में इन थानों में पदस्थ पुलिसकर्मी पर अधिकारियों का नहीं गया ध्यान, खानापूर्ति के लिए जल्द बाजी में आधी तबादले की सूची बनाकर जारी कर दी गई, जारी सूची में जो पहले जिस थाने में पदस्थ थे उन्हें फिर वही भेजा गया। कई थानों में पदस्थ रहे एएसआई फिर वही हुए एसआई आरक्षक उन्ही थानों में बन बैठे प्रधान आरक्षक।
*जोन डीसीपी से नही बनी जुगाड तो हेड क्वार्टर के आदेश में कराई उप निरीक्षक ने पुराने थाने में वापसी*
उप निरीक्षक गौरव पांडे ने थाना रातीबड़ में कराई अपनी वापसी विगत दिनों पहले जोन डीसीपी द्वारा जारी की गई सूची में नहीं मिला था गौरव पांडे को रातीबड़ जाने का मौका। डीसीपी द्वारा जारी की गई सूची में थाना कमला नगर में पदस्थ उप निरीक्षक को नहीं किया था रातीबड़ में दुबारा तैनात, देर रात हेड क्वार्टर से जारी हुई सूची में थाना कमला नगर में पदस्थ गौरव पांडे को दुबारा से रातीबड़ थाने भेजा गया, चुनाव के बीच हटाया गया था एसआई पांडे को…….
*प्रधान आरक्षकों से नही छूट रहा पुराने थाने का मोह, डीसीपी के आदेश की उड़ा रहे धज्जियां*
डीसीपी द्वारा पुलिसकर्मियों को थाने से हटाया जाता है और दूसरे थाने भेज दिया जाता है, जारी आदेश में सभी को रवानगी दे दी जाती वही उन्ही की जोन में आने वाले एक थाने में पदस्थ दो प्रधान आरक्षकों को वहीं छोड़ दिया जाता है, सूत्र बताते है कि इन दोनों की चर्चाएं भोपाल ही नहीं भोपाल के आसपास के थानों में भी सुनी जाती है कि पुलिस विभाग में कोई भी कुछ करें लेकिन मर्जी प्रधान आरक्षकों की ही चलती है। पुलिस विभाग के आला अफसर चाहे कितनी भी मेहनत कर ले खाकी की लाज लज्जा बचाने में लेकिन यह दो प्रधान आरक्षक आला अफसर के बने हुए सिस्टम से भी आगे नजर आते हैं। सप्ताह भर पहले डीसीपी जोन 1 प्रियंका शुक्ला ने अपने जोन में आने वाले 9 थानों में किया था फेर बदल, इसके बाद सभी थानों से तबादले हुए पुलिसकर्मियों को थानों से दे दी गई थी रवानगी, पर डीसीपी के आदेश की जोन में आने वाला थाना रातीबड़ अपने ही अधिकारी के आदेश की उड़ा रहा धज्जियां, इस थाने से सात पुलिसकर्मियों का किया गया था तबादला, सात में पांच को दी गई रवानगी, थाने में पदस्थ उप निरीक्षक टूआईसी के चाहेते प्रधान आरक्षक महेश दांगी और रविंद्र पाल को आज तक नहीं दी गई थाने से रवानगी, सूत्र बताते है की बीच में थाना प्रभारी के चार्ज पर रहने वाले उप निरीक्षक राघवेन्द्र सिकरवार नही देना चाहते थे इन दो प्रधान आरक्षकों को रवानगी, तबादला सूची जारी होने के बाद अगले ही दिन डीसीपी द्वारा दिए गए वायरलेस सेट पर दिया था आदेश, आदेश के बाद सभी 9 थानों से तबादले हुए पुलिसकर्मियों को दे दी गई थी रवानगी, पर रातीबड़ थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक रविन्द्र पल सिंह को थाना प्रभारी के चार्ज पर रहे एसआई द्वारा रवानगी ना देते हुए छुट्टी पर भेज दिया गया था, छुट्टी से वापसी के बाद भी इन दोनो प्रधान आरक्षकों नहीं दी गई रवानगी।



