Nursing ghotala: सीबीआई जांच के लिए बनाएगी नई टीम, जांच में एक वर्ष का लग सकता है समय
सीबीआइ द्वारा उपयुक्त बताए गए 169 कालेजों सहित 559 कालेजों की जांच होगी
भोपाल। नर्सिंग कालेज घोटाले की जांच के लिए अब सीबीआइ पांच-छह नई टीम बनाएगी। 599 कालेजों की जांच की जानी है। इसके लिए अलग-अलग टीमें गठित की जाएंगी। जांच में एक वर्ष का समय लग सकता है क्योंकि विस्तृत जांच होनी है। इसमें सीबीआइ को विशेषज्ञ के तौर पर नर्सिंग अधिकारियों का सहयोग लेना पड़ेगा।
इसके पहले सात मुख्य टीमें 368 कालेजों की जांच कर रही थीं, इनमें नर्सिंग कालेजों से रिश्वत लेने के मामले में चार अधिकारी (दो सीबीआइ संवर्ग और दो राज्य पुलिस संवर्ग के) आरोपित बनाए गए हैं। नए अधिकारी मिले नहीं हैं। इस कारण जांच के लिए पांच से छह टीमें ही बन पाएंगी।सीबीआइ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरोपितों को छोड़कर नर्सिंग कालेजों की पहले जो अधिकारी जांच कर रहे थे उन्हें नई टीमों में भी शामिल किया जाएगा।
जांच में समय लगने की एक वजह यह भी है कि अधिकारियों को भोपाल से प्रदेश के अलग-अलग जिलों में जाकर जांच करनी पड़ती है। ऐसे में एक टीम को एक कालेज की जांच लगभग दो दिन लग जाते हैं। कालेजों की नाप के लिए पटवारी और विशेषज्ञ के तौर शामिल होने वाले नर्सिंग अधिकारी भी कई बार उपलब्ध नहीं हो पाते, जिससे समय लगता है। सूत्रों ने बताया सीबीआइ मुख्यालय जांच के लिए विशेष निरीक्षण दल (एसआइटी) भी बना सकती है।
मध्य प्रदेश में कुल कालेज (जिनका नवीनीकरण नहीं हुआ उन्हें मिलाकर) – 756
सुप्रीम कोर्ट से स्थगन मिला हुआ है – 58
हाई कोर्ट ने सीबीआइ को जितने कालेजों की जांच के लिए कहा – 368
सीबीआइ ने जितने कालेजों की जांच की – 308
जांच में सीबीआई ने उपयुक्त बताया – 169
अनुपयुक्त बताया – 66
कमियों से साथ उपयुक्त बताया – 73
जिन कालेजों की फिर जांच होगी
सीबीआइ द्वारा उपयुक्त बताए गए कालेज – 169
सीबीआइ द्वारा उपयुक्त या कमियों के साथ उपयुक्त बताए कालेजों और सुप्रीम कोर्ट से स्थगन वाले कालेजों को छोड़कर अन्य – 390
कुल कालेज जिनकी अब सीबीआइ जांच होगी – 559





