MP: वाह… छुट्टियों में भी बांट दिया मध्यान्ह भोजन… तेईस जिलों में हुआ फर्जीवाड़ा…केंद्र ने पकड़ा…
भोपाल। प्रदेश के 23 जिलों में कागजों पर मध्यान्ह भोजन का वितरण कर दिया गया। जिम्मेदारों की हिम्मत देखिए कि उन्होंने भोजन वितरण की फर्जी जानकारी मॉनीटरिंग सिस्टम पोर्टल पर भी दर्ज कर दी, लेकिन वह यह भूल गए कि इस दौरान उन्होंने भोजन वितरण करने की जानकारी दर्ज की है, उस समय स्कूलों में छुट्टियां थी। अब मामला सामने आया तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई की तैयारी की गई है।
जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री पोषण कार्यक्रम के तहत सरकारी स्कूलों में मध्यान्ह भोजन का वितरण बच्चों में किया जाता है। प्रदेश के 23 जिलों के स्कूलों में एक मई से 15 जून 2024 तक मध्यान्ह भोजन का वितरण करने की जानकारी ऑटोमेटिव मॉनीटरिंग सिस्टम (एएमएस) पोर्टल पर दर्ज की जा रही है, जबकि इस अवधि में स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है। पोर्टल की मॉनीटरिंग कर रहे अधिकारियों की नजर जब इस फर्जीवाड़े पर पड़ी तो उन्होंने 23 जिलों के स्कूलों में पदस्थ जिम्मेदारों पर कार्रवाई करने के लिए पत्र लिख दिया।
इन जिलों के स्कूलों में फर्जीवाड़ा प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण के राज्य समन्वयक मनोज पुष्प के अनुसार प्रदेश के बड़वाही, सतना, रायसेन, भिंड, गुना, जबलपुर, आगर मालवा, झाबुआ, टीकमगढ़, मंडला, मंदसौर, बालाघाट, बैतूल, भोपाल, डिंडौरी, नरसिंहपुर, रतलाम, सागर, सिवनी, शहडोल, श्योपुर, शिवपुरी जिलों के स्कूलों में अवकाश अवधि के दौरान मध्यान्ह भोजन वितरण किया गया है।
केन्द्र सरकार ने पकड़ा मामला स्कूलों में अवकाश अवधि के दौरान बच्चों को मध्यान्ह भोजन वितरण करने की जानकारी मॉनीटरिंग पोर्टल पर दर्ज की जा रही थी। इसकी खबर मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग को नहीं लगी। इस फर्जीवाड़े को केन्द्र सरकार की मॉनीटरिंग एजेंसी ने पकड़ा और मप्र स्कूल शिक्षा विभाग को जानकारी दी। इसके बाद आनन फानन में 23 जिलों में हो रहे फर्जीवाड़े पर कार्रवाई करने की तैयारी की गई है।
शाला प्रभारियों के खिलाफ होगी कार्रवाई
मध्यान्ह भोजन में फर्जीवाड़ा करने वाले शाला प्रभारियों के खिलाफ कार्रवाई जाएगी। इसके लिए प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण की तरफ से जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को पत्र लिखा गया है।






