MP:  निजी स्कूलों की मनमानी फीस पर सख्ती, सभी कलेक्टर्स को कार्रवाई के निर्देश, हाईकोर्ट ने किया जांच-कार्रवाई पर रोक लगाने से इंकार

भोपाल। प्रदेश में प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ मनमानी फीस वसूली को लेकर की जा रही कार्रवाई जारी रहेगी। हाईकोर्ट ने इस पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। प्राइवेट स्कूल संचालकों ने गिरफ्तारी, जांच और कार्रवाई पर रोक लगाने के लिए याचिका लगाई थी। गुरुवार को सुनवाई के दौरान जस्टिस विशाल धगट ने इसे खारिज कर दिया।

हाईकोर्ट ने कहा कि मामला बेहद गंभीर है। जांच शुरुआती दौर में है। लिहाजा, कार्रवाई पर रोक नहीं लगाई जा सकती। हालांकि हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कार्रवाई  को लेकर विस्तृत जवाब मांगा है। इस मामले में अगली सुनवाई 4 हफ्ते बाद होगी।

इधर, स्कूल शिक्षा विभाग ने गुरुवार को प्रदेश के सभी कलेक्टरों को अपने जिले में प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ इस तरह कार्रवाई के आदेश दिए हैं। साथ ही, सभी स्कूलों का फीस स्ट्रक्चर और अन्य जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज करने के लिए कहा है।

कोर्ट ने कहा- बच्चों का अनहित करने जैसा अपराध
हाई कोर्ट ने कहा- स्कूलों ने अवैध रूप से अतिरिक्त फीस ही नहीं वसूली है, बल्कि बुक सेलर्स से साठगांठ कर फर्जी किताबें सिलेबस में लगाने का अपराध भी किया है, जो कि बच्चों का भी अनहित करने जैसा है। सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि अगर आरोपी स्कूल संचालकों और उनके गठजोड़ पर पुलिस कार्रवाई नहीं की जाती है, तो वो जांच को प्रभावित कर सकते हैं, क्योंकि पुलिस और प्रशासन को उनके स्कूलों से और भी दस्तावेज जब्त करने हैं।

30 जून तक फर्जी व डुप्लीकेट पुस्तकों संबंधी अभियान

चलाएं

कहा गया है कि फर्जी व डुप्लीकेट आईएसबीएन पाठ्यपुस्तकों को पाठ्यक्रम में शामिल किया जा रहा है। इसे ठीक करने के लिए 30 जून 2024 तक विशेष अभियान चलाकर जांच कराएं। चिन्हित करें कि कितने विद्यालयों द्वारा किन कारणों से ऐसी गड़बड़ी की गई है? गड़बड़ी करने वाले प्रकाशक और बुक सेलर्स के विरुद्ध कार्रवाई भी की जाए। इसकी जांच रिपोर्ट भी कलेक्टरों को दी जाए।

हरदा में 9 स्कूलों पर दो-दो लाख का जुर्माना
जबलपुर के बाद हरदा कलेक्टर आदित्य सिंह ने मनमानी फीस लेने वाले 9 प्राइवेट स्कूलों पर दो-दो लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। जिले में अब तक कुल 15 निजी स्कूलों पर हो जुर्माना लगाया जा चुका है। सभी स्कूल संचालकों को 15 दिन में अतिरिक्त फीस वापस करने के निर्देश गए हैं।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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