MP: चुनाव ड्यूटी पर गए लेडी ASI और कॉन्स्टेबल ने की शादी, सस्पेंड
ग्वालियर। यहां आईजी दफ्तर में तैनात एक महिला एएसआई और कॉन्स्टेबल की 7 मई को चुनाव में ड्यूटी लगी थी। उन्होंने ड्यूटी पूरी की। इसके बाद वे ना दफ्तर लौटे, ना ही अपने घर। जिसके बाद दोनों को सस्पेंड कर दिया गया। अब पता चला कि दोनों ने दिल्ली जाकर आर्य समाज मंदिर में शादी रचा ली है।
महिला एएसआई का नाम निशा जैन हैं। वह आईजी ऑफिस में बतौर कार्यपालक लिपिक तैनात है। वहीं कॉन्स्टेबल का नाम अखंड प्रताप सिंह है। वह भी यही कार्यरत है। फिलहाल दोनों के लौटने का इंतजार किया जा रहा है।
चुनावी ड्यूटी के बाद से ही दोनों लापता
7 मई को लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण के मतदान के लिए एएसआई निशा जैन और कॉन्स्टेबल अखंड प्रताप सिंह दोनों की ड्यूटी ग्वालियर में ही लगी थी। 7 मई को दोनों ने ड्यूटी निभाई। चुनाव के बाद दूसरे दिन यानी 8 मई को उन्हें दफ्तर आना था, लेकिन दोनों न अपने घर पहुंचे और न ही ऑफिस आए। दोनों के मोबाइल भी उसी दिन से स्विच ऑफ हैं।
निशा जैन कंपू क्षेत्र में रहती है, जबकि अखंड प्रताप सिंह पुलिस लाइन में रहता है। निशा की मां ने 8 मई को आईजी अरविंद सक्सेना से मिली थी। उन्होंने कंपू थाना में बेटी की गुमशुदगी दर्ज कराने का दावा भी किया है। हालांकि कंपू टीआई ने इससे इंकार किया है।
मां को फोन कर कहा – शादी कर ली
निशा की मां ने आईजी को बताया, ‘वह लगातार अपने साथी से शादी करने के लिए कह रही थी। 13 मई को बेटी का फोन आया था। उसने सिर्फ इतना बताया कि दिल्ली के आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली है।’
साथ में काम करते-करते दोस्ती, फिर प्यार
एएसआई निशा जैन और आरक्षक अखंड प्रताप सिंह पिछले 5 साल से एक साथ, एक ही ऑफिस में काम कर रहे हैं। इस कारण दोनों में अच्छी दोस्ती हो गई थी। यही दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। फिलहाल दोनों कहां गए इसकी जानकारी किसी को भी नहीं है। उनके कलीग्स को भी इस बारे में नहीं पता है।
दोनों को सस्पेंड किया
आईजी ग्वालियर रेंज अरविंद सक्सेना ने बताया कि महिला एएसआई और आरक्षक चुनाव ड्यूटी के बाद घर और फिर काम पर वापस नहीं लौटे हैं। दोनों बिना बताए लापता हुए हैं। यह काम में लापरवाही है, इसलिए दोनों को निलंबित किया गया है। उनके आर्य समाज मंदिर में शादी की सूचना मिली है, वो उनकी निजी जिंदगी है। दोनों पुलिसकर्मी वयस्क हैं। उन्हें अपने जीवन से संबंधित निर्णय लेने का अधिकार है।





