MP: तारीख पर तारीख…लटके हुए हैं  आईएफएस के प्रमोशन…

भोपाल।  राज्य वन सेवा से भारतीय वन सेवा के अफसरों की डीपीसी (विभागीय पदोन्नति समिति) बैठक की तारीख बार-बार बदल रही है। इसके लिए अब तक तीन बार तारीख बदल चुकी है और चौथी बार फिर बैठक 23 मई को संभावित बताई जा रही है। डीपीसी की बैठक हुई तो राज्य वन सेवा के 13 सीनियर एसडीओ आईएफएस के पद पर प्रमोट हो जाएंगे। बार-बार डेट चेंज होने से एसएफएस कैडर के सीनियर अफसर परेशान हैं।
स्टेट फारेस्ट सर्विस से इंडियन फारेस्ट सर्विस का कैडर पाने के लिए पूर्व में 22 अप्रेल को दिल्ली में होना तय की गई थी। इसके बाद यह बैठक 27 अप्रेल और फिर तीन मई के लिए टली थी। तीन मई को भी बैठक नहीं हो पाई है और अब 23 मई को बैठक होना संभावित है। ऐसे में आईएफएस के लिए दावेदार अफसरों की परेशानी और बेचैनी बढ़ रही है। डीपीसी बैठक 13 पदों पर पदोन्नति के लिए होगी जिसमें 39 नामों पर विचार किया जाएगा।

इनके नाम पर होगा विचार

राज्य वन सेवा के जिन अधिकारियों के नामों पर विचार हो सकता है उनमें 2009 बैच के एसएफएस राम कुमार अ‌वधिया का भी नाम है। को भी मौका मिल सकता है। अ‌वधिया वित्तीय अनियमितता संबंधी जांच में फंसे होने के कारण पिछली डीपीसी में फिटलिस्ट में नहीं आ पाए थे। बताया जाता है कि राज्यपाल के समक्ष अपील करने के बाद उन्हें क्लीनचिट मिली है। इसी प्रकार 2010 बैच के स्टेट फारेस्ट सर्विस की अफसर हेमलता शाह भी विभागीय जांच के चलते पिछली बार इंडियन फारेस्ट सर्विस में सिलेक्ट होने से वंचित रही थीं। अब उन्हें इस बार मौका मिल सकता है। डीपीसी बैठक में इनके बाद 2011 बैच के आशीष बंसोड़, विद्याभूषण सिंह, गौरव कुमार मिश्रा, तरुणा वर्मा, हेमंत यादव, सुरेश कोड़ापे, प्रीति अहिरवार, लोकेश निरापुरे, राजाराम परमार, करण सिंह रंधा और माधव सिंह मौर्य को आईएफएस अवार्ड मिल सकता है। इनके अलावा 2011 बैच की कल्पना तिवारी और राजवेंद्र मिश्रा गड़बड़ी के चलते पदोन्नति से वंचित रह सकते हैं।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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