MP: पैरामेडिकल कोर्स के 25 हजार से अधिक छात्रों की तीन साल से नहीं हुई परीक्षा, बड़ी धांधली, हाईकोर्ट में चल रहा है केस

भोपाल।प्रदेश के पैरामेडिकल कॉलेजों से फिजियोथैरेपी, ईसीजी टेक्नीशियन, ओटी टेक्नीशियन, एनेस्थीसिया असिस्टेंट और अन्य कोर्स करने वाले स्टूडेंट पसोपेश में है। ऐसा इसलिए क्योंकि बीते 2021-22 सत्र की अब तक परीक्षाएं नहीं हुई है। परीक्षार्थियों ने इस संबंंध में सीएम से गुहार लगाई है कि पैरामेडिकल कॉलेजों में बीएएमएलटी कोर्स में सामान्य वर्ग के परीक्षार्थी परीक्षाएं देते हैं।

ऐसे में परीक्षाएं न होने से मानसिक दबाव बन रहा है। अस्पतालों में प्रैक्टिकल भी करवाने के बावजूद परीक्षाएं जल्द से जल्द कराई जाए। वहीं, नर्सिंग कॉलेज घोटाले के चलते प्रदेश के पैरामेडिकल कॉलेजों की धांधली मामले में हाईकोर्ट ने अब पैरामेडिकल छात्रों की परीक्षाओं पर भी रोक लगा दी है। 27 मई से सत्र 2023-24 के लिए परीक्षाएं होनी थीं, लेकिन अब हाईकोर्ट में इसको लेकर सुनवाई चल रही है।

सीबीआई जांच की मांग: पैरामेडिकल कॉलेजों की इस धांधली को लेकर मिलन सिंह की ओर से हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई है। पैरामेडिकल की परीक्षा में नर्सिंग परीक्षा जैसी धांधली हो रही है। पैरामेडिकल में जहां 10 महीने की प्रैक्टिस अनिवार्य है, वहीं कॉलेज इस नियम का पालन नहीं कर रहे हैं। ऐसे में बिना पढ़ाई किए पैरामेडिकल छात्र आगे चलकर लोगों की जिंदगी खतरे में डाल सकते हैं। मामले की सीबीआई से जांच कराए जाने की मांग हाईकोर्ट से की गई है।

छात्र बोले-सरकारी जॉब मिलने में होगी मुश्किल
पैरामेडिकल छात्र निखिल जैन और अखिल सिंह ने बताया कि तीन साल का कोर्स अब छह साल में पूरा हो पाएगा। तीन साल से परीक्षाएं न होने से हम ओवर एज हो जाएंगे। इससे सरकारी जॉब लगने में भी परेशानी होगी। यूनिवर्सिटी परीक्षाएं नहीं करा पा रही है। 220 पैरामेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले करीब 25 हजार छात्रों का भविष्य यूनिवर्सिटी ने दांव पर लगा दिया है।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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