CBI: मप्र के दो पुलिस अफसरों को लौटाया:नर्सिंग घोटाले की जांच में रिश्वतखोरी के बाद एक्शन, वापसी के साथ ही होगा निलंबन

भोपाल। प्रदेश पुलिस महकमे से सीबीआई में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ रहकर नर्सिंग घोटाले की जांच में रिश्वतखोरी करने वाले एमपी के दो अफसरों की प्रतिनियुक्ति सीबीआई ने खत्म कर दी है। यह दोनों ही अफसर इंस्पेक्टर हैं और दोनों को ही नर्सिंग घोटाले की एफआईआर में आरोपी बनाया जा चुका है। दूसरी ओर पीएचक्यू इन दोनों की अफसरों की वापसी के साथ इन्हें सस्पेंड करने की तैयारी में हैं।

नर्सिंग घोटाले में आरोपी बनाए गए 23 आरोपियों में से 13 की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने उन्हें रिमांड पर लिया है और एक टीम पूछताछ के लिए दिल्ली ले गई है। इन्हें 29 मई को सीबीआई कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस बीच घोटाले की जांच कर रही सीबीआई के अफसरों द्वारा रिश्वतखोरी किए जाने और गलत जांच रिपोर्ट दिए जाने पर हो रही किरकिरी से सीबीआई के सीनियर अफसर खासे नाराज हैं और इसी के चलते एमपी से प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ दो इंस्पेक्टर सुशील कुमार मजोखा और ऋषिकांत असाठे की प्रतिनियुक्ति खत्म कर दी गई है। इन दोनों में से मजोखा की गिरफ्तारी हो चुकी है और वह रिमांड पर हैं जबकि असाठे की गिरफ्तारी होना बाकी है। बताया जाता है कि जिला पुलिस बल से सीबीआई में प्रतिनियुक्ति पर गए मजोखा और एसएएफ कैडर के अधिकारी रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि इन दोनों को ही एमपी में वापसी होते ही सस्पेंड करने की कार्यवाही की जाएगी। दूसरी ओर यह सवाल उठाया जा रहा है कि सीबीआई में इन्हें प्रतिनियुक्ति पर भेजने के पहले अपनाई गई टेस्ट प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में है और इसके लिए जिन लोगों ने प्रक्रिया में हिस्सा लिया था, उनसे भी सवाल जवाब हो सकते हैं। गौरतलब है कि नर्सिंग घोटाले में दस लाख रुपए की रिश्वत के साथ गिरफ्तार किए गए इंस्पेक्टर राहुल राज को सीबीआई ने पहले ही बर्खास्त कर दिया है। इस मामले में एक डीएसपी, तीन इंस्पेक्टर समेत सीबीआई के चार अफसर करप्शन के लिए आरोपी बनाए जा चुके हैं।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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