CAG: MP के राजकोषीय घाटे पर चिंता, उधार लेने के बजाय राजस्व बढ़ाने पर जोर

भोपाल । नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) ने शुक्रवार को मध्यप्रदेश विधानसभा के पटल पर रिपोर्ट पेश की। इसमें विभिन्न विभागों द्वारा वित्त वर्ष के अंत में राशि खर्च नहीं करने पर आपत्ति जताई गई है। रिपोर्ट में सरकार के बढ़ते राजकोषीय घाटे पर भी चिंता जताई गई है। कैग ने रिपोर्ट में कहा है कि सरकार को ज्यादा कर्ज लेने के बजाय राजस्व बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। साथ ही, नुकसान उठा रहे उपक्रमाें के कामकाज की समीक्षा कर उनमें सुधार की रणनीति बनाई जाना चाहिए। बजट तैयार करने की प्रक्रिया ऐसी हो, ताकि बजट अनुमान और वास्तविक बजट के बीच के अंतर को काम किया जा सके।

रिपोर्ट में कहा गया है कि विभाग न तो राशि खर्च करते हैं और न ही उसे सरेंडर करते हैं। यह स्थिति ठीक नहीं है।

सिंगल नोडल एजेंसी में पड़े रहे करोड़ों रुपए

रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2022-23 के दौरान केंद्र से 21,237 करोड़ रुपए प्राप्त हुए। 31 मार्च 2023 को राज्य अंश के रूप में 15,603 करोड़ जमा थे। सरकार द्वारा कोषालय में प्राप्त केंद्र की राशि 19,833 करोड़ और राज्य अंश की‌ राशि 14,298 करोड़ सिंगल नोडल एजेंसी को ट्रांसफर किया गया। इसके बाद राज्य शासन द्वारा जानकारी दी गई कि 31 मार्च 2023 तक सिंगल नोडल एजेंसी के बैंक खाते में 12,081 करोड़ रुपए बगैर खर्च किए पड़े थे। कैग ने रिपोर्ट में इस तरह की स्थितियों पर आपत्ति जताई है।

राजस्व और खर्च के अंतर पर उठाए सवाल

रिपोर्ट में सरकार द्वारा अर्जित राजस्व और किए गए खर्च के बीच में अंतर को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। इसमें कहा गया है कि राज्य का कुल खर्च वर्ष 2018-19 में 1,72,664 करोड़ से वर्ष 2022-23 में 2,46,692 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। यह 43% तक बढ़ा। वर्ष 2022-23 के दौरान पिछले वर्ष की तुलना में यह 9.6% बढ़ा।

12 सार्वजनिक उपक्रमों के घाटे पर चिंता

रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रदेश में सार्वजनिक क्षेत्र के 32 सार्वजनिक उपक्रमों में से 12 उपक्रमों को नुकसान का सामना करना पड़ा है। वर्ष 2020-21 में इनका घाटा 4009 करोड़ से घटकर वर्ष 2022 में 1940 करोड़ हो गया। वर्ष 2022-23 में सार्वजनिक क्षेत्र के 32 उपक्रमों ने 95645 करोड़ का कारोबार किया जो कि प्रदेश के सकल राज्य घरेलू उत्पाद का 7.2% के बराबर है। इन उपक्रमों का घाटा रोकने की जरूरत बताई गई।

घाटे में चल रहे उपक्रमों का रिव्यू करे सरकार

कैग ने रिपोर्ट में कहा है कि मध्य प्रदेश शासन घाटे में चल रहे सार्वजनिक क्षेत्र के सभी उपक्रमों के कामकाज की समीक्षा करें तथा उनके वित्तीय प्रदर्शन में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए। यह भी कहा गया है कि इनके लेखे (एकाउंट) को प्रस्तुत करने के लिए लक्ष्य तय किए जाएं और बकाया के मामले में सख्ती से निगरानी की जाए। सरकार निष्क्रिय सरकारी कंपनियों की भी समीक्षा करे और उनके पुनरुद्धार या समापन की कार्यवाही का भी निर्णय ले।

व्यक्तिगत जमा खातों पर भी टिप्पणी

रिपोर्ट में 2022-23 के दौरान 2021-22 की तुलना में व्यक्तिगत जमा खातों में अंतिम शेष 10.73 प्रतिशत से कम होना बताया। कैग ने कहा है कि राज्य शासन को सभी व्यक्तिगत जमा खातों की समीक्षा करनी चाहिए तथा यह तय करना चाहिए कि खातों में निष्क्रिय पड़ी राशि को शासकीय खाते में तत्काल ट्रांसफर कर दिया गया है।

साथ ही, इंटरनल कंट्रोलिंग बॉडी को मजबूत किए जाने की भी आवश्यकता जताई गई है। कहा है कि शासन की यह सुनिश्चित करना होगा कि विभागीय आंकड़ों का कार्यालय प्रधान महालेखाकार द्वारा शत-प्रतिशत मिलान होना चाहिए

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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