Business: बाबा रामदेव की बढ़ी मुश्किलें: पतंजली फूड्स, मैन्युफैक्चरिंग और लोकल डिस्ट्रीब्यूटर को नोटिस, कोर्ट ने मांगा जवाब

जबलपुर। जबलपुर कंज्यूमर कोर्ट ने पतंजलि के शुगर के स्टैंडर्ड पैमाने को लेकर नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने शक्कर की क्वालिटी को लेकर बाबा रामदेव, पतंजलि फूड्स, मैन्युफैक्चरिंग और लोकल डिस्ट्रीब्यूटर से जवाब मांगा है। दरअसल जबलपुर के कंज्यूमर और एडवोकेट रोहित सराफ ने कोर्ट में एक याचिका दायर कर कहा है कि, पतंजलि अपनी बूरा शुगर को लेकर जो दावे कर रहा हैं, पतंजलि की शक्कर उन दावों पर खरा नहीं उतरती।

याचिकाकर्ता वकील ने कहा कि, पतंजलि की बूरा शुगर में एक किलो शक्कर में 50 मिलिग्राम सल्फर डाइऑक्साइड होने का दावा करता है। लेकिन शक्कर की जांच में 65 मिलीग्राम प्रति किलो  सल्फर डाइऑक्साइड पाई गई है। यही नहीं याचिकाकर्ता वकील का दावा है कि, पतंजलि की शक्कर की जांच में सुग्रेन का लेवल भी 90 की जगह 80 प्रतिशत पाया गया है।  जो तय पैमाने से 10 प्रतिशत कम है।

याचिकाकर्ता वकील का कहना है कि पतंजलि बूरा शुगर में रसायन ना होने का दावा कर रहा है वह भी झूठा है। वकील का कहना है की बाजार में मिलने वाली शक्कर और पतंजलि की बूरा शक्कर में रसायन की मात्रा एक समान ही है।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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