न्यू चंडीगढ़। वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2026 के क्वालिफायर-2 में साबित कर दिया कि वह सिर्फ विस्फोटक बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि बड़े मैच का दबाव संभालने वाले मैच विनर भी हैं। गुजरात टाइटन्स के खिलाफ 47 गेंदों पर 96 रन की उनकी पारी में आक्रामकता के साथ-साथ धैर्य और मैच अवेयरनेस भी साफ दिखी।
न्यू चंडीगढ़ के महाराजा यादवेंद्र सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में राजस्थान रॉयल्स की शुरुआत बेहद खराब रही थी। यशस्वी जायसवाल जल्दी आउट हो गए और टीम दबाव में थी, लेकिन 15 वर्षीय वैभव ने एक छोर संभालते हुए पारी को आगे बढ़ाया। उन्होंने शुरुआत में संभलकर बल्लेबाजी की और फिर सेट होने के बाद गुजरात के गेंदबाजों पर हमला बोल दिया।
इस पारी की सबसे खास बात यह रही कि वैभव ने सिर्फ बड़े शॉट्स पर निर्भर रहने के बजाय परिस्थिति के हिसाब से बल्लेबाजी की। उन्होंने 8 चौके और 7 छक्के लगाए, लेकिन बीच के ओवरों में स्ट्राइक रोटेट कर राजस्थान की रन गति भी बनाए रखी। ESPNcricinfo के मुताबिक उनका अर्धशतक 31 गेंदों में आया, जो इस सीजन का उनका “सबसे धीमा” फिफ्टी था — और यही दिखाता है कि उन्होंने मैच की जरूरत के हिसाब से खुद को ढाला।
इस पारी के दौरान वैभव ने कई रिकॉर्ड भी अपने नाम किए। वह आईपीएल इतिहास में सबसे कम गेंदों में 1000 रन पूरे करने वाले बल्लेबाज बने। साथ ही वह इस सीजन में 700 रन के आंकड़े तक पहुंचने वाले पहले बल्लेबाज भी बने।
राजस्थान रॉयल्स ने वैभव की शानदार पारी की बदौलत 20 ओवर में 214/6 का बड़ा स्कोर खड़ा किया। बाद में डोनोवन फरेरा की तेज फिनिशिंग ने टीम को और मजबूती दी।
क्वालिफायर-2 की इस पारी ने यह साफ कर दिया कि राजस्थान रॉयल्स को सिर्फ एक युवा स्टार नहीं मिला है, बल्कि भारतीय क्रिकेट को भविष्य का ऐसा बल्लेबाज मिल सकता है जो लंबे समय तक टी20 क्रिकेट पर राज करे।
