सुप्रीम कोर्ट ने विनेश फोगाट को एशियन गेम्स के ट्रायल में हिस्सा लेने की दी इजाजत, WFI की दलीलें

नई दिल्ली। भारत की स्टार पहलवान Vinesh Phogat को एशियन गेम्स 2026 के चयन ट्रायल में हिस्सा लेने की अनुमति देकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा राहतभरा फैसला दिया है। कोर्ट ने Wrestling Federation of India (WFI) की याचिका खारिज करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप से इनकार कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट की बेंच, जिसमें जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे शामिल थे, ने सुनवाई के दौरान कहा कि विनेश फोगाट ने “देश का सिर ऊंचा किया है” और उनके योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अदालत की यह टिप्पणी फोगाट की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों और भारतीय कुश्ती में उनके योगदान को रेखांकित करती है।

हालांकि, शीर्ष अदालत ने दिल्ली हाई कोर्ट की कार्यप्रणाली पर चिंता भी जताई। कोर्ट ने कहा कि जिस “तरीके और शैली” में हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई की, वह आदर्श नहीं थी। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी चेतावनी दी कि खेल प्रशासन में अदालतों की अत्यधिक दखलअंदाजी से पूरे स्पोर्टिंग इकोसिस्टम पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने फोगाट के डोप टेस्ट और ‘वेयरअबाउट्स’ (खिलाड़ी की लोकेशन संबंधी जानकारी) को लेकर भी सवाल उठाए। कोर्ट ने कहा कि:
उन्होंने दिसंबर 2024 में ब्रेक लिया था।
जून 2025 में वापसी की जानकारी दी।
जुलाई 2025 में मां बनीं।
इंटरनेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने उन्हें 1 जनवरी 2026 से पात्र माना।
लेकिन डोप टेस्ट मिस होने और लोकेशन अपडेट न देने को अदालत ने “परेशान करने वाला” बताया।

अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि International Testing Agency (ITA) को यह तक पता नहीं था कि खिलाड़ी कहां हैं। फोगाट ने जवाब में कहा कि वह विधानसभा आदि कार्यों में व्यस्त थीं, लेकिन एजेंसी ने उस स्पष्टीकरण को संतोषजनक नहीं माना।
इस फैसले का सबसे बड़ा असर यह है कि अब विनेश फोगाट एशियन गेम्स 2026 के ट्रायल्स में हिस्सा ले सकेंगी। हालांकि, कोर्ट की टिप्पणियों से यह भी साफ है कि खिलाड़ियों को एंटी-डोपिंग नियमों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन करना होगा।

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