बैगा आदिवासियों के साथ थिरके उपराष्ट्रपति:डिंडोरी में कहा- भारतीय प्रजातंत्र में जनजाति का स्थान रीढ़ की हड्डी के बराबर

डिंडोरी। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा है कि भारतीय प्रजातंत्र में जनजाति का स्थान रीढ़ की हड्डी के बराबर है। जनजाति ही भारतीय संस्कृति और प्रजातंत्र को बल देता है। देश के इतिहास में पहली बार एक जनजाति महिला राष्ट्रपति बनती है, पीएम को शपथ दिलाती है। यह गौरव का पल है। डिंडोरी में बुधवार को विश्व सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन विश्व दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति ने मध्यप्रदेश के राज्यपाल डॉ. मंगू भाई पटेल की तारीफ की। उन्होंने कहा कि राज्यपाल का दिल जनजाति के लिए धड़कता है। उपराष्ट्रपति बुधवार सुबह करीब 11 बजे डिंडोरी पहुंचे। हेलीपैड से वह कार्यक्रम स्थल चंद्र विजय कॉलेज कैंपस पहुंचे, जहां उन्होंने पौधारोपण किया। इसके बाद बैगा आदिवासियों के साथ पारंपरिक वाद्य यंत्र पर थिरके। इस दौरान उपराष्ट्रपति और मुख्यमंत्री ने वाद्ययंत्र भी बजाया। इसके बाद विभागों की प्रदर्शनी का निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा की राज्य सरकार सिकल सेल उन्मूलन के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए प्रदेश के प्रभावित क्षेत्रों में जागरूकता के साथ-साथ स्क्रीनिंग ,उपचार और दवा वितरण आदि  की व्यापक व्यवस्था की गई है। राज्य सरकार द्वारा जनजाति क्षेत्रों की प्रगति के हर संभव प्रयास किया जा रहे हैं। इसी क्रम में मंत्री परिषद की पहली बैठक जबलपुर में आयोजित की गई। क्षेत्र में विकास और जनकल्याण की अनेक गतिविधियां संचालित है। मुख्यमंत्री डॉक्टर यादव ने बहुमुखी प्रतिभा संपन्न उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ का स्वागत करते हुए कहा कि डिंडोरी क्षेत्र आधुनिकता की दृष्टि से भले ही पिछड़ा हो पर यहां के लोग प्रेम, सद्भाव, समर्पण की भावना से परिपूर्ण और समृद्ध हैं। इस क्षेत्र के लोगों ने किसी भी सत्ता के आगे सर नहीं झुकाया। रानी दुर्गावती और रानी अवंती बाई लोधी ने मातृ पक्ष का मान बढ़ाया और आक्रांताओं को परास्त किया, उन्होंने स्वयं को और क्षेत्र को कभी गुलाम नहीं बनने दिया। डॉक्टर यादव ने कहा कि सिकल सेल उन्मूलन के बारे में जागरूकता फैलाने और इस दिशा में राज्य सरकार को प्रभावी प्रयास करने के लिए प्रेरित करने में  राज्यपाल श्री मंगू भाई पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका है।

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