Sanatan: दिग्विजय सिंह बोले- मैं घोर सनातनी हूं..पूर्व मंत्री उषा ठाकुर से कहा- क्या तुमने कभी नर्मदा परिक्रमा की है? उषा ठाकुर बोली – आप बड़े भाई…

इंदौर। मैं घोषणा करता आया हूं और आज फिर कर रहा हूं कि मैं घोर सनातन धर्म का मानने वाला हूं। मेरे कहने के बाद ही आपने सनातन धर्म को स्वीकार किया है, पहले आप लोग सिर्फ हिंदू-हिंदू धर्म करती थीं।

यह बात कांग्रेस के दिग्गज नेता और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने शुक्रवार देर रात पूर्व मंत्री उषा ठाकुर से मुलाकात के दौरान कहीं। दिग्विजय सिंह भोजशाला के फैसले के बाद इंदौर पहुंचे थे। बता दें कि उषा ठाकुर बीजेपी की विधायक हैं और प्रदेश की कट्‌टर हिंदुत्व छवि वाली फायर ब्रांड नेता हैं।

दिग्विजय सिंह ने ठाकुर से आगे कहा कि मैं जितना सनातनी हूं… क्या तुमने कभी नर्मदा परिक्रमा की है? क्या तुम एकादशी का व्रत करती हो?” इस पर ठाकुर ने कहा कि आप व्यक्तिगत रूप से तो पक्के सनातनी हैं, लेकिन सार्वजनिक रूप से इसे स्वीकार नहीं करते।” जवाब में दिग्विजय सिंह ने तुरंत कहा, “मैं सार्वजनिक रूप से ही तो कह रहा हूं, अब और कैसे सार्वजनिक करूं? मैं सही सनातनी हूं।” उषा ठाकुर ने कहा – आप मेरे भाई हैँ।

पढ़िए उषा ठाकुर और दिग्विजय सिंह के बीच की पूरी बातचीत…

उषा ठाकुर : जी, बड़े भाई हैं ये।

दिग्विजय सिंह : मैं घोषणा करता आया हूं और घोषणा आज फिर कर रहा हूं कि मैं घोर सनातन धर्म का मानने वाला हूं और मेरे कहने के बाद सनातन धर्म को आपने स्वीकार किया, पहले हिंदू-हिंदू धर्म करती थीं। अब मैं सनातन… मेरे कहने का, मैंने शुरुआत की थी।

उषा ठाकुर : हम अनादि काल से सनातनी हैं।
दिग्विजय सिंह : अरे, अनादि काल से सनातनी तो तुम हो तो… तुम हम… हम क्या दुश्मन हैं उसके? सुन ले, सुन ले, मैं जितना सनातनी हूं… तूने नर्मदा परिक्रमा करी है क्या?
उषा ठाकुर : नहीं करी।
दिग्विजय सिंह : तू एकादशी का व्रत करती है क्या?
उषा ठाकुर : आप बड़े भाई हैं… और मैंने कहा व्यक्तिगत रूप से पक्के सनातनी हैं, पर सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं करते।
दिग्विजय सिंह : सार्वजनिक… मैं सार्वजनिक कर तो रहा हूं और किससे सार्वजनिक करूं?
उषा ठाकुर : हां, मैं आपका धन्यवाद देती हूं। बहुत अच्छी बात है।
दिग्विजय सिंह : स्वीकार कर मैं सनातनी… सही सनातनी हूं। बोल, बोल।
उषा ठाकुर : तो आपको हाई कोर्ट के निर्णय का सम्मान करना चाहिए।
दिग्विजय सिंह : उसके बारे में… उसके बारे में तूने कैसे मान लिया कि मैंने विरोध किया?
उषा ठाकुर : अब ये किसी ने बोला।
दिग्विजय सिंह : किसी ने बोला!i

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