भोपाल। खुरई के बरोदिया- नोनागिर गांव में दलित परिवार में चाचा और भतीजी की मौत और गुना के बंजारा समुदाय के युवक के साथ हुए दुर्व्यवहार के मामले पर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने मप्र सरकार पर हमला बोला है। सागर रवाना होने से पहले भोपाल में अपने आवास पर मीडिया से चर्चा में जीतू पटवारी ने कहा- मध्य प्रदेश में जंगल राज की स्थापना हो चुकी है। जंगल राज क्या होता था ये हम सुनते पढ़ते थे, अब ऐसा एक दिन नहीं गुजरता जब मध्य प्रदेश में जघन्य अपराध न हो रहे हों। दलितों पर अत्याचार, आदिवासियों की हत्या और बलात्कार लगातार गैंगरेप, यहां तक की फिरौती के केस हो रहे हैं।
हर वो क्षेत्र जिसमें शासन और सरकार का सरोकार है। अपराधी पूरी ताकत से बेखौफ हो गए हैं। अपराधियों में डर समाप्त हो गया और प्लानिंग के तहत अपराध कैसे होते हैं उसका मध्य प्रदेश उदाहरण बनता जा रहा है। चाहे प्रशासनिक क्षेत्र में हो लगातार आग लगने की घटनाएं हो। चाहे नर्सिंग का इतना बड़ा कलंक मध्य प्रदेश पर लगा हो। जिसमें जांच करने वाले ही रिश्वत के मामले में पकड़े गए। इन्होंने ही पहले व्यापमं की जांच की।
मप्र का हर क्षेत्र जंगलराज की पराकाष्ठा को पार कर
चुका
चाहे लॉ एंड ऑर्डर की बात हो चाहे करप्शन के हिस्से की बात हो। मध्य प्रदेश हर क्षेत्र में जंगल राज की पराकाष्ठा को पार कर चुका है। हमने इस दौरान करीब 9 – 10 बार अलग-अलग पत्र लिखकर मुख्यमंत्री जी से अनुरोध किया कि इस पर एक समीक्षा मीटिंग होनी जानिए।
सवाल पूछने पर सीएम हो जाते हैं नाराज विपक्ष की जो भूमिका होती है वो काम किया जाएगा। किसी प्रकार के पूर्वाग्रह और नफरत की भावना से नहीं किया जाएगा। प्रदेश के हित में किया जाएगा। आपसे सवाल पूछे जाएंगे। मैंने पहले कहा था कि गृह मंत्री होने के नाते समीक्षा करें कि क्यों अपराध बढ़ रहे हैं। मप्र में क्यों जंगलराज की स्थापना हो रही है। क्यों अपराधी बेखौफ हो रहे हैं। इसके लिए दोषी कौन है?
गुना की घटना तालिबानियों जैसी पटवारी ने गुना में हुई घटना पर कहा- गुना में जो घटना हुई बंजारा समाज के व्यक्ति के साथ सामाजिक रूप से ऐसा कृत्य होना ये तालिबानी नहीं है तो क्या है। मप्र में जिस तरह की व्यवस्था बन रही है। ये सरकार का फेलियर चिंता का विषय है। बीजेपी द्वारा कांग्रेस नेताओं पर प्रेशर बनाने की बात पर जीतू पटवारी ने कहा- ये खासकर मुख्यमंत्री जी के दिमाग में है कि हम प्रेशर में लाकर, दबाव बनाकर अलग-अलग तरीके से व्यक्तियों को टारगेट करके कंट्रोल कर सकते हैं तो ये बात भूल जाएं। अगर वो व्यक्तिगत बदले की बात करेंगे तो उन्हें अंदाजा ही नहीं हैं कि किस हद तक लड़ा जाएगा।
उज्जैन के शराब माफियाओं पर कार्रवाई करें, मेरे पास पूरे दस्तावेज हैं
सीएम की समीक्षा पर कहा- बार-बार इस तरह की घटनाएं घट रहीं हैं। इंदौर में कहा कि भिखारियों को समाप्त करेंगे। अच्छी बात है करना चाहिए। लेकिन, उसके साथ ही इंदौर नगर निगम में करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार हो गया। बिना काम किए पेमेंट करा लिए। मुख्यमंत्री की जुबान खुली क्या? उज्जैन में जो शराब माफिया के खिलाफ पूरे डॉक्यूमेंट्स हैं मेरे पास। जो इंदौर में शराब माफिया है।
