MP: भोपाल में कांग्रेस फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की बैठक, बरैया बोले- भिंड में बीजेपी के प्रशासन ने हराया, 2 लाख वोटों से जीत रहा था

भोपाल। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस की फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की बैठक चल रही है। बैठक में शामिल होने पहुंचे भिंड लोकसभा से कांग्रेस प्रत्याशी फूल सिंह बरैया ने कहा, ‘लोकसभा चुनाव में पार्टी प्रत्याशी कैसे हारे, समिति के सदस्य हर सीट के कैंडिडेट से अलग-अलग बात कर रहे हैं।’

बरैया ने कहा, ‘मैंने यही बताया कि भिंड का चुनाव 2 लाख वोट से जीत रहे थे, लेकिन कांग्रेस को हराने के लिए भाजपा के सारे थाना प्रभारी, एसडीओपी और एसडीएम हर पोलिंग पर गए। हमारे पोलिंग एजेंट को हटाकर थाने में बैठा लिया। पोलिंग बंद हो गई और वोट शाम तक डालते रहे।’ गड़बड़ी के सवाल पर बोले, ‘मेरे यहां EVM ने नहीं, प्रशासन ने वोटों की लूट की है।’

भोपाल में प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में यह बैठक चल रही है। कमेटी अपनी रिपोर्ट ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी को सौंपेगी। फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के चेयरमैन महाराष्ट्र के पूर्व सीएम पृथ्वीराज चह्वाण हैं। ओडिशा के कोरापुट से सांसद सप्तागिरी उलका और गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवाणी सदस्य हैं।

प्रवीण पाठक बोले- सभी बड़े नेताओं का साथ मिला ग्वालियर से लोकसभा प्रत्याशी रहे प्रवीण पाठक ने कहा, ‘दूसरों पर दोष लगाने के बजाय खुद में क्या कमी रही, इस पर मंथन करेंगे। जहां तक ग्वालियर की बात है, हार-जीत का अंतर काफी कम रहा। चुनाव में सभी बड़े नेताओं कार्यकर्ताओं का सहयोग मिला।’
टिकट देरी से तय होने को लेकर प्रवीण ने कहा, ‘यह बात सच है कि टिकट देरी से हुआ, इस कारण से हो सकता है कि परिणाम प्रभावित हुए हों, लेकिन दूसरों पर यह बात न डालकर, खुद में क्या कमी रही, इस पर विचार करना ज्यादा महत्वपूर्ण समझता हूं।’

सिकरवार बोले- हार की बड़ी वजह विधायक-कार्यकर्ताओं का पार्टी छोड़ना रही

मुरैना से लोकसभा प्रत्याशी रहे सत्यपाल सिंह नीटू सिकरवार ने कहा, ‘हार की सबसे बड़ी वजह 6 बार के विधायक का पार्टी छोड़ जाना, सुमावली से पूर्व विधायक और पिछले विधानसभा के प्रत्याशी का पार्टी छोड़ जाना और बहुत सारे कांग्रेस के नेताओं का पार्टी छोड़ना रही।’
उन्होंने कहा, ‘जब रामनिवास रावत पार्टी छोड़कर चले गए तो सारे ब्लॉक अध्यक्ष से लेकर नीचे तक का सारा कार्यकर्ता उनके साथ चला गया। मैंने कमेटी से संगठन की मजबूती के लिए यह मांग रखी है कि अच्छे कार्यकर्ताओं का चयन किया जाए। यह ना हो कि ये मेरा, ये तेरा। इसमें पार्टी को नुकसान होता है।’

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