दिग्विजय सिंह बनाम जीतू पटवारी, दिग्गी बोले- पूरी जानकारी नहीं थी, पटवारी बोले- मेरे सवाल आज भी कायम

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस में मुख्यमंत्री मोहन यादव पर सरकारी जमीन को लेकर लगाए गए आरोपों पर पार्टी के भीतर अलग-अलग राय सामने आई है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने जिस मामले में बयान दिया था, उसकी उन्हें पूरी जानकारी नहीं थी। उनके अनुसार जिस ट्रस्ट को जमीन दी गई, वह निजी नहीं बल्कि सरकारी न्यास है।
बड़वानी में सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में दिग्विजय सिंह ने कहा कि इस मुद्दे पर उनकी जीतू पटवारी से चर्चा हुई थी। उन्होंने कहा, “जीतू भाई हमारे नेता हैं और मेरे पुत्र समान हैं। उन्होंने जो बयान दिया, उसके पीछे पूरी जानकारी नहीं थी।”
बीजेपी विधायक और दस्तावेजों का दिया हवाला
दिग्विजय सिंह ने बताया कि उन्हें इस मामले की जानकारी भाजपा के एक विधायक और एक अखबार में प्रकाशित खबर से मिली थी। शुरुआती जानकारी में दावा किया गया था कि करीब 500 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी जमीन एक निजी ट्रस्ट को मात्र एक रुपये की टोकन राशि पर दे दी गई है।
उन्होंने कहा कि बाद में गूगल सर्च और रजिस्ट्रार कार्यालय से दस्तावेज मंगवाकर जांच की गई। जांच में पता चला कि संबंधित ‘वीर भारत न्यास’ एक सरकारी ट्रस्ट है। उन्होंने दावा किया कि ट्रस्ट के मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग में किसी निजी व्यक्ति का उल्लेख नहीं है। उनके अनुसार ट्रस्ट के पदेन अध्यक्ष मुख्यमंत्री, पदेन उपाध्यक्ष संस्कृति मंत्री और सचिव एक सरकारी अधिकारी होते हैं।
पटवारी बोले- मेरे सवाल अब भी कायम
दूसरी ओर, भोपाल में मीडिया से बातचीत के दौरान जीतू पटवारी ने कहा कि उन्होंने आरोप नहीं बल्कि सवाल उठाए थे और वे आज भी कायम हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को इन सवालों का जवाब देना चाहिए।
पटवारी ने कहा कि दिग्विजय सिंह उनके वरिष्ठ नेता हैं और उन्होंने अपनी जानकारी के आधार पर पक्ष रखा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में दिल्ली में कांग्रेस नेतृत्व से कोई शिकायत नहीं की गई है।
क्या है पूरा मामला?
24 जून को नई दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी प्रवक्ता Pawan Khera के साथ आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जीतू पटवारी ने आरोप लगाया था कि उज्जैन स्थित ‘वीर भारत न्यास’ को लगभग 500 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी जमीन मात्र एक रुपये की टोकन राशि पर दी गई। उन्होंने सरकार से इस आवंटन का आधार सार्वजनिक करने की मांग की थी।
इसके साथ ही पटवारी ने मुख्यमंत्री और उनके परिवार की जमीन खरीद, कथित लैंड बैंक, आय के स्रोत, 2023 के बाद खरीदी गई संपत्तियों पर श्वेत पत्र जारी करने तथा विभिन्न विभागों में तबादलों में कथित भ्रष्टाचार के आरोपों की भी जांच की मांग उठाई थी।
**फिलहाल इस मामले में कांग्रेस के दो वरिष्ठ नेताओं के बयानों से यह स्पष्ट है कि आरोपों की व्याख्या को लेकर पार्टी के भीतर अलग-अलग दृष्टिकोण मौजूद हैं। वहीं, मुख्यमंत्री की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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