Bihar : टेंडर घोटाले में दो और आईएएस अधिकारियों पर गिरी गाज…

नई दिल्ली। बिहार सरकार द्वारा 2017 बैच के आईएएस अधिकारी योगेश कुमार सागर और 2014 बैच की आईएएस अधिकारी अभिलाषा कुमारी शर्मा को कथित टेंडर घोटाले से जुड़े आरोपों के आधार पर निलंबित किए जाने के बाद यह मामला सुर्खियों में है।
मामले के प्रमुख बिंदु
योगेश कुमार सागर
2017 बैच के बिहार कैडर के आईएएस अधिकारी हैं।
मूल रूप से बरेली के निवासी बताए जाते हैं।
King George’s Medical University से एमबीबीएस किया है।
हाल तक समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत नि:शक्तता निदेशक के पद पर कार्यरत थे।
पहले Bihar Urban Infrastructure Development Corporation Limited में भी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।

आरोप
ईडी की जांच के अनुसार कथित टेंडर नेटवर्क से जुड़े रिशुश्री नामक व्यक्ति द्वारा उनकी और उनके परिजनों की विदेश यात्रा का खर्च उठाया गया।
वर्ष 2024 की यूरोप यात्रा पर लगभग 21.92 लाख रुपये खर्च होने का दावा किया गया है।
जांच एजेंसियां इसे कथित अनुचित लाभ के रूप में देख रही हैं।
अभिलाषा कुमारी शर्मा
2014 बैच की बिहार कैडर की आईएएस अधिकारी हैं।
मूल रूप से नवादा की रहने वाली हैं।
बीटेक और लोक प्रशासन में एमए की डिग्री प्राप्त की है।
ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत जीविका की अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी के रूप में कार्यरत थीं।
पूर्व में सीतामढ़ी की जिलाधिकारी तथा वित्त विभाग में संयुक्त सचिव रह चुकी हैं।

आरोप
ईडी की रिपोर्ट के अनुसार उनके आवास की छत पर बागवानी और सौंदर्यीकरण पर लगभग 9 लाख रुपये खर्च किए गए।
जांच एजेंसी का दावा है कि यह खर्च कथित रूप से रिशुश्री द्वारा वहन किया गया।
उन्हें महंगे उपहार, जिनमें एक आईफोन भी शामिल बताया गया है, मिलने के आरोप हैं।
पहले भी हुई कार्रवाई
इस मामले से जुड़े आरोपों में पहले 1997 बैच के आईएएस अधिकारी संजीव हंस के खिलाफ भी कार्रवाई हो चुकी है। उन पर मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। बाद में उन्हें जमानत मिलने के बाद राज्य सरकार ने उनका निलंबन वापस ले लिया था।

वर्तमान स्थिति
कार्रवाई विशेष निगरानी इकाई (SVU) और Enforcement Directorate की जांच रिपोर्टों के आधार पर की गई है।
दोनों अधिकारियों के खिलाफ आरोपों की जांच जारी है।
अभी तक आरोप न्यायिक रूप से सिद्ध नहीं हुए हैं।
जांच एजेंसियां निर्माण एवं अन्य विभागों से जुड़े वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल कर रही हैं, इसलिए आगे और कार्रवाई या खुलासे संभव हैं।
यह मामला बिहार में प्रशासनिक जवाबदेही और सरकारी ठेकों में कथित भ्रष्टाचार को लेकर चल रही बड़ी जांच का हिस्सा माना जा रहा है।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

Related Articles