इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ी, तो गिर गई सोने की मांग

नई दिल्ली। सरकार द्वारा सोने पर आयात शुल्क (Import Duty) 6% से बढ़ाकर 15% किए जाने के बाद भारत में सोने की मांग में तेज गिरावट दर्ज की गई है।

प्रमुख बातें
13 मई को सरकार ने सोने पर आयात शुल्क 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया।
GST समेत सोने पर कुल प्रभावी टैक्स 9.18% से बढ़कर 18.45% हो गया।
27 मई को समाप्त पखवाड़े में सोने की मांग केवल 7.5 टन रही, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह लगभग 25 टन थी।
यानी मांग में करीब 70% की गिरावट आई है।
सबसे ज्यादा असर असंगठित ज्वेलरी कारोबार पर पड़ा है, जो देश के कुल सोना व्यापार का लगभग 65% हिस्सा है

मांग घटने के अन्य कारण
इंडस्ट्री विशेषज्ञों के अनुसार केवल आयात शुल्क बढ़ना ही वजह नहीं है। मांग पर कई अन्य कारकों का भी असर पड़ा है:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोना खरीदने से कुछ समय परहेज करने की अपील।
पेट्रोल-डीजल और खाद्य वस्तुओं की बढ़ती कीमतों से उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति पर दबाव।
अधिक मास (मलमास) का दौर, जिसमें कई लोग सोना और अन्य बहुमूल्य वस्तुएं खरीदने से बचते हैं।
सोने की ऊंची कीमतें — मुंबई स्पॉट मार्केट में 999 शुद्धता वाला सोना लगभग ₹1.57 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया।

निवेश मांग भी कमजोर
आमतौर पर ऊंची कीमतों और अनिश्चितता के दौर में निवेशक सोने की ओर आकर्षित होते हैं, लेकिन इस बार गोल्ड बार और कॉइन की मांग में भी सुस्ती देखने को मिल रही है। जूलर्स का मानना है कि मार्च तिमाही में मजबूत मांग के बाद जून तिमाही में बिक्री कमजोर रह सकती है।
सरकार ने ड्यूटी क्यों बढ़ाई?
सरकार का उद्देश्य:
सोने के आयात को कम करना,
व्यापार घाटा नियंत्रित करना,
रुपये पर दबाव कम करना,
और बढ़ती वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच विदेशी मुद्रा की बचत करना है।

आगे क्या असर हो सकता है?
अल्पावधि में ज्वेलरी कारोबार की बिक्री प्रभावित रह सकती है।
यदि ऊंची कीमतें और अधिक टैक्स बने रहते हैं, तो मांग कुछ समय तक कमजोर रह सकती है।
दूसरी ओर, आयात कम होने से देश के चालू खाते के घाटे (Current Account Deficit) पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।
त्योहारों और शादी के सीजन में कीमतों तथा उपभोक्ता भावना के आधार पर मांग में फिर सुधार देखने को मिल सकता है।
कुल मिलाकर, आयात शुल्क बढ़ने, रिकॉर्ड ऊंची कीमतों और कमजोर उपभोक्ता भावना के कारण भारत में सोने की मांग में फिलहाल उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की जा रही है।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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