पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद से जुड़े दो गुर्गे ग्वालियर के निकले, दिल्ली-NCR में ग्रेनेड हमले, टारगेट किलिंग की साजिश नाकाम, 5 दिन की रिमांड पर लिया

भोपाल। दिल्ली-NCR में ग्रेनेड हमले और टारगेट किलिंग की साजिश को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने नाकाम कर दिया है। स्पेशल सेल पुलिस ने आईएसआई से जुड़े पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्‌टी के इशारों पर काम करने वाले दो गुर्गो को पकड़ा है। दोनों ग्वालियर के डबरा के रहने वाले हैं।

एक गुर्गे को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने डबरा के बंजारापुरा से उठाया था, जबकि दूसरे को दिल्ली के पास से पकड़ा है। इनके मोबाइल से कुछ संदिग्ध वीडियो व वॉइस नोट्स मिले हैं।
दोनों गुर्गे ग्वालियर डबरा निवासी 21 वर्षीय राजवीर सिंह व 19 वर्षीय विवेक बंजारा हैं। दोनों को दिल्ली पुलिस ने डिटेल पूछताछ के लिए मंगलवार को पांच दिन की रिमांड पर लिया है।

ग्वालियर के रहने वाले हैं दोनों गुर्गे, खतरनाक थे इरादे


दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने खुलासा किया है कि शहजाद के इशारों पर उसके यह गुर्गे एनसीआर क्षेत्र में फायरिंग, ग्रेनेड हमले और टारगेट किलिंग करने की साजिश रचने वाले थे।
इनके पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी गैंग से जुड़े होने के सबूत मिले हैं। राजवीर और विवेक बंजारा ग्वालियर के डबरा क्षेत्र के रहने वाले हैं। पुलिस के अनुसार, इन दोनों को सोशल मीडिया के माध्यम से गिरोह में भर्ती किया गया था।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को जब सूचना मिली थी कि एनसीआर में बड़ा कांड होने वाला है और उसका नेटवर्क पाकिस्तानी गैंगस्टर के गुर्गे हैं तो पुलिस ने अपना नेटवर्क का जाल बिछा दिया। स्पेशल सेल की एक टीम ने ऑपरेशन चलाकर ग्वालियर के डबरा से विवेक 17 अप्रैल को गिरफ्तार कर लिया।
विवेक के हाथ आते ही अगले दिन 18 अप्रैल को राजवीर भी दिल्ली में सराय काले खां इलाके से पकड़ा गया।

मोबाइल में सस्पेक्ट वीडियो, वॉइस नोट्स मिले

जब दिल्ली पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों की तलाशी ली तो राजवीर के कब्जे से एक पिस्टल और छह कारतूस बरामद हुए हैं। दो मोबाइल भी जब्त किए गए हैं, जिनमें आपत्तिजनक वीडियो और वॉइस नोट्स मिले हैं।

दोनों बदमाश सोशल मीडिया पर गैंग से जुड़े

खुलासा हुआ है कि यह गैंग से सोशल मीडिया पर जुड़े थे। सबसे पहले राजवीर को सोशल मीडिया के जरिए किसी राना भाई ने गैंग से जोड़ा था। बाद में राजवीर ने विवेक को भी राना से मिलवाया। मार्च माह में शहजाद भट्टी ने राजवीर को किसी को अहममदाबाद भेजकर हथियार लाने का आदेश दिया था।
इसके बाद राजवीर के कहने पर विवेक को अहमदाबाद भेज दिया। हालांकि, हथियारों की डीलिंग नहीं हो पाई। फिर भट्टी ने ही पांच हजार रुपए का इंतजाम कर अहमदाबाद में विवेक के ठहरने की व्यवस्था कराई थी।

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