लॉजिस्टिक्स और सिटिजन- सेंट्रिक सेवाओं में तेजी से उभर रहा है डाक विभाग का सशक्त नेटवर्कः सिंधिया, डाक विभाग की वार्षिक समीक्षा बैठक संपन्न

नई दिल्ली। केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की अध्यक्षता में डाक विभाग की वित्तीय वर्ष 2025–26 की वार्षिक व्यवसाय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। इस उच्चस्तरीय बैठक में देशभर के सभी डाक विभाग के 23  सर्किलों के मुख्य पोस्टमास्टर जनरल एवं विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया, जहां विभाग के वार्षिक प्रदर्शन की समीक्षा, रणनीतिक प्राथमिकताओं की प्रगति का आकलन तथा आगामी वित्तीय वर्ष के लिए रोडमैप तय किया गया।

बैठक की शुरुआत में केंद्रीय मंत्री ने विभाग के छह प्रमुख वर्टिकल्स यानि पार्सल, मेल, अंतरराष्ट्रीय मेल, पोस्ट ऑफिस सेविंग्स बैंक (POSB), पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस (PLI/RPLI) और सिटिजन सेंट्रिक सर्विसेज (CCS) की व्यापक समीक्षा की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डाक विभाग ने FY 2024–25 में ₹13,218 करोड़ के मुकाबले FY 2025–26 में ₹15,296 करोड़ का राजस्व अर्जित किया है, जो 16% की उल्लेखनीय वृद्धि है। कई वर्षों में पहली बार 15% से अधिक की वृद्धि दर्ज करते हुए यह उपलब्धि विभाग के पारंपरिक कॉस्ट सेंटर से राजस्व-संचालित एकीकृत सेवा नेटवर्क बनने की दिशा में तेज़ी से बढ़ते कदम को दर्शाती है।

*सभी प्रमुख वर्टिकल्स में दमदार प्रदर्शन, पार्सल और CCS बने ग्रोथ इंजन*
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि यह वृद्धि विभाग के विभिन्न व्यवसायिक क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन का परिणाम है। पार्सल व्यवसाय में राजस्व ₹669 करोड़ से बढ़कर ₹1,133 करोड़ हो गया, जो 69% की वृद्धि दर्शाता है। मेल सेवाओं में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज हुई, जहां राजस्व 34% वृद्धि के साथ ₹2,396 करोड़ से बढ़कर ₹3,202 करोड़ हुआ। सिटिजन सेंट्रिक सर्विसेज में 70% की बढ़ोतरी के साथ ₹508 करोड़ से बढ़कर ₹864 करोड़ का राजस्व दर्ज किया गया।

इसके अलावा पोस्ट ऑफिस सेविंग्स बैंक (POSB) में स्थिर वृद्धि जारी रही, जो ₹6,888 करोड़ से 13% बढ़कर ₹7,756 करोड़ हो गया। वहीं पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस (PLI/RPLI) ने ₹1,171 करोड़ से 25% बढ़कर ₹1,458 करोड़ का राजस्व अर्जित किया। केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि अंतरराष्ट्रीय मेल एवं ग्लोबल बिजनेस सेगमेंट में वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के कारण अस्थायी बाधाएं देखने को मिलीं। केन्द्रीय मंत्री ने हाल ही शुरू की गई तीन प्रीमियम सेवाओं 24 स्पीड पोस्ट, 24 स्पीड पोस्ट पार्सल और 48 स्पीड पोस्ट को इंडिया पोस्ट की लॉजिस्टिक्स क्षमता को मजबूत करने और एक्सप्रेस डिलीवरी की बदलती मांगों को पूरा करने में महत्वपूर्ण कारक बताया।

*सर्किल स्तर पर बेहतर प्रदर्शन, राजस्थान, असम, बिहार-छत्तीसगढ़ अग्रणी*
सर्किल-वार प्रदर्शन की समीक्षा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने संतोष व्यक्त किया कि पूरे नेटवर्क में समग्र सुधार देखने को मिला है। 23 में से 8 सर्किलों ने अपने निर्धारित लक्ष्यों का 90% से अधिक का राजस्व हासिल किया, जबकि 14 सर्किलों ने 80–90% के बीच प्रदर्शन किया। केवल एक सर्किल का राजस्व 80% से नीचे रहा। राजस्व प्रदर्शन में अपने लक्ष्य का 102% राजस्व अर्जित कर राजस्थान सर्किल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, असम ने 95% के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया और 94% राजस्व के साथ बिहार एवं छत्तीसगढ़ संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहे। केन्द्रीय मंत्री ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सर्किल्स को पुरूस्कृत भी किया।

*फाइनेंशियल इन्क्लूजन और लॉजिस्टिक्स पर फोकस, भविष्य की दिशा स्पष्ट*
केंद्रीय मंत्री ने सिटिजन सेंट्रिक सर्विसेज (CCS), पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस (PLI/RPLI) और पोस्ट ऑफिस सेविंग्स बैंक (POSB) के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि ये सेवाएं वित्तीय समावेशन और अंतिम छोर तक सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि इंडिया पोस्ट की भविष्य की वृद्धि का मुख्य आधार उसकी लॉजिस्टिक्स क्षमता होगी, जिसके लिए पार्सल सेवाओं के विस्तार और मेल सेवाओं के पुनरोद्धार पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।

*डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, ई-कॉमर्स साझेदारी और G2C सेवाओं का विस्तार*
सिंधिया ने विभाग द्वारा ई-कॉमर्स और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र की अग्रणी कंपनियों के साथ बढ़ती साझेदारियों, तथा गवर्नमेंट-टू-सिटिजन (G2C) और गवर्नमेंट-टू-गवर्नमेंट (G2G) सेवाओं में विस्तार को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि तकनीकी अपडेशेन, प्रक्रिया सुधार और डेटा-आधारित निर्णय प्रणाली के माध्यम से इंडिया पोस्ट को एक प्रतिस्पर्धी और विश्वसनीय लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के रूप में स्थापित किया जा रहा है।
उन्होंने सभी सर्किल प्रमुखों से क्षेत्र-विशिष्ट रणनीतियों को अपनाने, जवाबदेही सुनिश्चित करने और परिणामों पर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया।

*‘डाक सेवा, जन सेवा’ के संकल्प के साथ विकसित भारत की दिशा में अग्रसर*
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इंडिया पोस्ट का परिवर्तन केवल वित्तीय वृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की बदलती आर्थिक आवश्यकताओं के अनुरूप अपनी भूमिका को पुनर्परिभाषित कर रहा है। अपने व्यापक नेटवर्क, विश्वसनीयता और बढ़ती क्षमताओं के साथ इंडिया पोस्ट देश के सबसे बड़े लॉजिस्टिक्स और नागरिक सेवा नेटवर्क के रूप में उभरने की दिशा में अग्रसर है। बैठक के समापन पर केंद्रीय मंत्री ने इंडिया पोस्ट के सभी कर्मचारियों के समर्पण और परिश्रम की सराहना करते हुए “डाक सेवा, जन सेवा” के मूल मंत्र के साथ एक आधुनिक, सक्षम और ग्राहक-केंद्रित इंडिया पोस्ट के निर्माण का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह समीक्षा FY 2025–26 के सफल समापन के साथ भविष्य की विकास यात्रा के लिए मजबूत आधार तैयार करती है।

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