भोपाल। जल शक्ति मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण (एनडब्ल्यूडीए) ने लखनऊ स्थित अपने दो महत्वपूर्ण कार्यालयों को भोपाल स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में अभिकरण मुख्यालय की ओर से कार्यालय आदेश जारी कर दिया गया है। आदेश के अनुसार मुख्य अभियंता (उत्तर) कार्यालय और इन्वेस्टिगेशन डिवीजन (आईडी) कार्यालय को लखनऊ से भोपाल शिफ्ट किया जाएगा।
मंत्रालय के उप निदेशक (प्रशासन) खुशाल सिंह द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि रायपुर में निदेशक (एमएंडए) नीलम नारोलिया को मुख्य अभियंता लेवल-द्वितीय एवं मुख्य अभियंता (उत्तर) का अतिरिक्त प्रभार दिया गया। उन्होंने 19 मई को कार्यभार ग्रहण किया। जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग में सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में कार्यालयों की शिफ्टिंग को लेकर निर्णय लिया गया। इसी क्रम में सक्षम प्राधिकारी ने मुख्य अभियंता (उत्तर) नीलम नारोलिया को लखनऊ स्थित कार्यालयों को भोपाल स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू करने और उसकी निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी है।
जिन कार्यालयों को स्थानांतरित किया जाएगा, उनमें मुख्य अभियंता (उत्तर), एनडब्ल्यूडीए कार्यालय, लखनऊ और इन्वेस्टिगेशन डिवीजन, एनडब्ल्यूडीए, लखनऊ शामिल हैं। मुख्य अभियंता (उत्तर) का कार्यालय विशाल खंड गोमती नगर और इन्वेस्टिगेशन डिवीजन का कार्यालय इंदिरा नगर के ‘ए’ ब्लॉक में स्थित है। जल शक्ति मंत्रालय ने पूरी प्रक्रिया को 45 दिनों के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कार्यालय स्थानांतरण से संबंधित विस्तृत कार्ययोजना सात दिनों के भीतर एनडब्ल्यूडीए मुख्यालय को उपलब्ध कराने को कहा गया है।
सचिवालय लेखा संवर्ग पुनर्गठित, 37 पद बढ़े
वहीं सचिवालय सेवा के लेखा संवर्ग का पुनर्गठन किया गया है। इसके फलस्वरूप 37 पद बढ़े हैं।संवर्ग पुनर्गठन के बाद संवर्ग में विशेष सचिव की संख्या चार हो जाएगी जबकि संयुक्त सचिव के पद बढ़कर सात हो जाएंगे। इसी तरह अब उपसचिव 11, अनुसचिव 17, अनुभाग अधिकारी 48, समीक्षा अधिकारी 144 और सहायक समीक्षा अधिकारी 48 हो जाएंगे। पहले इस संवर्ग में पदों की कुल संख्या 242 थी जो अब बढ़कर 279 हो गई है।
