Keralam में कल नई UDF सरकार का शपथ ग्रहण, 60 साल बाद पूरा मंत्रिमंडल एक साथ लेगा शपथ, सतीशन मिले राज्यपाल से

तिरुवनंन्तपुरम। दक्षिण भारत की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिलने जा रहा है। Kerala में सोमवार सुबह नई UDF सरकार का शपथ ग्रहण होगा। UDF नेता V. D. Satheesan ने राज्यपाल को 20 मंत्रियों की सूची सौंप दी है। मुख्यमंत्री समेत कुल 21 मंत्री पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे।
राजनीतिक तौर पर इस शपथ ग्रहण की सबसे खास बात यह है कि करीब छह दशक बाद ऐसा अवसर आएगा, जब पूरा UDF मंत्रिमंडल एक साथ शपथ लेगा। इसे विपक्षी गठबंधन की एकजुटता और सत्ता संचालन की नई रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन पर जोर
वीडी सतीशन ने साफ संकेत दिए कि मंत्रिमंडल गठन केवल राजनीतिक समीकरणों के आधार पर नहीं किया गया है। क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व, सामाजिक संतुलन और गठबंधन सहयोगियों की हिस्सेदारी को ध्यान में रखते हुए नाम तय किए गए।
उन्होंने माना कि कई वरिष्ठ नेता मंत्री बनने के दावेदार थे, लेकिन सीमित जगह और संतुलन की मजबूरी के कारण सभी को शामिल नहीं किया जा सका। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह संदेश देने की कोशिश है कि नई सरकार जातीय, क्षेत्रीय और समुदाय आधारित प्रतिनिधित्व को प्राथमिकता देगी।

कांग्रेस के खाते में सबसे ज्यादा मंत्रालय
UDF सरकार में सबसे बड़ी हिस्सेदारी कांग्रेस के पास रही है। कांग्रेस कोटे से जिन नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह मिली है, उनमें Ramesh Chennithala, K. Muraleedharan, Sunny Joseph, A. P. Anil Kumar और P. C. Vishnunadh जैसे नाम प्रमुख हैं।
वहीं Indian Union Muslim League (IUML) को भी सरकार में मजबूत प्रतिनिधित्व मिला है। गठबंधन सहयोगियों में Kerala Congress, Revolutionary Socialist Party और अन्य क्षेत्रीय दलों को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है।

शपथ ग्रहण समारोह में जुटेंगे बड़े कांग्रेस नेता
नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह Thiruvananthapuram के सेंट्रल स्टेडियम में सोमवार सुबह 10 बजे आयोजित होगा। समारोह में Mallikarjun Kharge, Rahul Gandhi और Priyanka Gandhi Vadra के शामिल होने की संभावना है।
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी कार्यक्रम में मौजूद रह सकते हैं। इसके अलावा M. K. Stalin समेत कई विपक्षी नेताओं को भी निमंत्रण भेजा गया है।

चुनावी जीत के बाद सत्ता में वापसी
हालिया विधानसभा चुनाव में UDF ने 140 में से 102 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। इस जीत को राज्य की राजनीति में बड़ा जनादेश माना जा रहा है। लंबे समय बाद कांग्रेस नेतृत्व वाला गठबंधन इतनी मजबूत स्थिति में सत्ता में लौटा है।
अब नई सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती चुनावी वादों को लागू करने, बेरोजगारी, महंगाई और विकास से जुड़े मुद्दों पर तेजी से काम करने की होगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मंत्रिमंडल गठन में संतुलन बनाने की कोशिश भविष्य की राजनीतिक स्थिरता तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।

Exit mobile version