Rajasthan: जलदाय मंत्री बोले- मैं फूंक मार दूं या बालाजी बनकर पानी ला दूं…!

जयपुर। पेयजल संकट गहरा गया है. जयपुर में जहां पानी की कालाबाजारी सामने आई है वहीं प्रदेश में कई इलाके ऐसे हैं जहां पांच से सात दिन में एक बार पीने का पानी सप्लाई हो रहा है. सूबे में गहरा रहे इस पेयजल संकट पर भजनलाल सरकार के जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने विवादास्पद बयान दिया है. पीएचईडी मंत्री ने कहा कि ऐसा तो है नहीं कि मैं कोई फूंक मार दूं या बालाजी बनकर पानी ला दूं. मेरे पास जो पानी है वो ही तो उपलब्ध करा पाउंगा. मंत्री यह बयान सुर्खियों में बना हुआ है।

थार के रेगिस्तान राजस्थान में इन दिनों प्रचंड गर्मी पड़ रही है. इस बीच प्रदेश के करीब 40 जिलों की आबादी को पेयजल की भयंकर किल्लत का सामना करना पड़ रहा है. केन्द्रीय भूजल विभाग की रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान के दो तिहाई ब्लॉक्स सूखे घोषित हैं. मरुधरा के ना तो भूगर्भ में भूजल है और ना ही यहां सतही पानी उपलब्ध है. जलदाय विभाग की रिपोर्ट के अनुसार अधिकांश शहरों में लोगों को पीने का पानी नसीब नहीं हो रहा है. विभाग की रिपोर्ट में पेयजल की किल्लत के आंकड़े भी चौकाने वाले हैं।

राजस्थान के इन इलाकों में होता है 5 से 7 दिन में पानी सप्लाई
राजस्थान में कुछ इलाके ऐसे हैं जहां सात दिन बाद पेयजल सप्लाई यहां होती है. इनमें दौसा जिले में बांदीकुई, दौसा, बसवा, अजमेर जिले में मकराना, बोरवाड़ और जोधपुर द्वितीय क्षेत्र के बालोतरा, सिवाना तथा भीनमाल में एक सप्ताह में एक बार पेयजल सप्लाई होता है. वहीं कुछ इलाके ऐसे हैं जहां पांच दिन में पीने के पानी की आपूर्ति की जाती है. इनमें अजमेर संभाग के हमीरगढ़, गंगापुर, डीडवाना, मेड़ता सिटी, बासनी, अलवर क्षेत्र के खेड़ली व बहादुरपुर, जयपुर प्रथम के दौसा जिले के मंडावर, जोधपुर द्वितीय के बाड़मेर व समदड़ी और उदयपुर के आमेठ व देवगढ़ में पांच दिन से पीने का पानी घरों में पहुंचता है।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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