Maharashtra : आंधी में डगमगाया शिंदे का हेलिकॉप्टर, बाल-बाल बचे, पायलट की सूझबूझ से टला हादसा

मुंबई। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे आज दोपहर एक भीषण हवाई हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गए। उनके हेलीकॉप्टर को खराब मौसम के कारण बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा। इस घटना ने एक बार फिर वीआईपी सुरक्षा और हवाई यात्रा के दौरान अचानक बदलने वाले मौसम के जोखिमों को चर्चा में ला दिया है।

यह घटना आज दोपहर उस समय हुई जब उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे मुंबई से मुरबाड जा रहे थे। दोपहर करीब 3:30 बजे उनका हेलीकॉप्टर महालक्ष्मी रेसकोर्स से मुरबाड के लिए रवाना हुआ था। उन्हें अपनी पार्टी के एक पदाधिकारी के परिवार में शादी समारोह में शामिल होना था। हालांकि, उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद जब हेलीकॉप्टर ऐरोली पहुँचा, तब आसमान में अचानक तूफान के लक्षण दिखाई देने लगे।

जैसे ही हेलीकॉप्टर ऐरोली के पास पहुँचा, पायलट ने सामने से आ रहे खतरनाक तूफान को भांप लिया। पायलट ने तुरंत अपनी सतर्कता और मौजूदगी का परिचय दिया। उसने डिप्टी सीएम शिंदे को संभावित खतरे के बारे में जानकारी दी और आगे बढ़ने के बजाय वापस मुड़ने की सलाह दी। खतरे को देखते हुए पायलट ने तत्काल हेलीकॉप्टर का रास्ता बदला और उसे सुरक्षित दिशा में ले गया।

पायलट के फैसले के कुछ ही मिनटों के भीतर हेलीकॉप्टर ने जुहू स्थित पवन हंस हेलीपैड पर सुरक्षित लैंडिंग की। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कार्यालय ने पुष्टि की है कि इस घटना में किसी को भी चोट नहीं आई है। हेलीकॉप्टर में सवार डिप्टी सीएम सहित सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। पायलट की समय पर दिखाई गई तत्परता की हर तरफ सराहना हो रही है।

खराब मौसम ने कैसे बदला हेलीकॉप्टर का रास्ता?
उपमुख्यमंत्री के कार्यालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, हेलीकॉप्टर अपने निर्धारित रूट से बाहर निकल गया था क्योंकि सामने तूफान का सिस्टम सक्रिय था। ऐरोली के ऊपर हवाओं का दबाव और मौसम का मिजाज काफी बिगड़ गया था। अगर पायलट ने मुरबाड की ओर उड़ान जारी रखी होती, तो तूफान के बीच हेलीकॉप्टर का संतुलन बिगड़ सकता था। यही कारण था कि सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विमान को वापस मुंबई की ओर मोड़ दिया गया।

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