CRPF: एक फोन ‘कॉल’ से बदल गया 200 बख्तरबंद गाड़ियों का रूट, जम्मू-कश्मीर से मणिपुर जा रहे वाहन बंगाल पहुंचे

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में मतदाता बिना किसी भय के वोट डाल सकें, इसके लिए वहां पर सीआरपीएफ के लगभग दो सौ मार्क्समैन बुलेटप्रूफ बख्तरबंद वाहन लगातार गश्त कर रहे हैं। लोगों को यह भरोसा दिलाया जा रहा है कि चुनाव पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होगा। हालांकि ये बुलेटप्रूफ बख्तरबंद गाड़ियां चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं। इन्हें लेकर यह सवाल किया जा रहा है कि आखिर ये गाड़ियां, बंगाल में कैसे पहुंच गई। विश्वस्त सूत्रों का कहना है कि दिल्ली से आए एक फोन ‘कॉल’ ने सीआरपीएफ की 200 बुलेटप्रूफ बख्तरबंद गाड़ियों का रूट बदल दिया। पिछले दिनों इन गाड़ियों को जम्मू-कश्मीर से मणिपुर जाने के लिए रवाना किया गया था, लेकिन बीच राह में इन्हें ‘पश्चिम बंगाल’ में टर्न करने का आदेश मिला।
सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में इस तरह की मूवमेंट के लिए बाकायदा लिखित आदेश/सिग्नल जारी होते हैं। कई महीने पहले से ही ऐसे मूवमेंट पर काम शुरु हो जाता है। कितनी गाड़ियां जाएंगी, ड्राइवर कौन होगा, कमांड किसकी रहेगी, बीच में गाड़ियों का ठहराव कहां पर रहेगा और साथ में ‘रोड ओपनिंग पार्टी’ जाएगी या नहीं, आदि बातों को लेकर एक ‘मानक संचालन प्रक्रिया’ (एसओपी) तैयार होती है। इसके बाद तय समय पर गाड़ियों को रवाना किया जाता है।
क्या एक फोन कॉल से बदल गया रूट … 
सूत्रों का कहना है कि मणिपुर जा रहे वाहनों को बंगाल जाना है, इस तरह का कोई औपचारिक आदेश जारी नहीं किया गया था। दिल्ली से एक शीर्ष अधिकारी द्वारा सीआरपीएफ के उच्च अधिकारी से फोन पर गाड़ियों का रूट, मणिपुर की बजाए पश्चिम बंगाल करने के लिए कहा गया। आनन-फानन में वह एसओपी तैयार की गई, जिसके आधार पर इन गाड़ियों को बंगाल के विभिन्न हिस्सों में तैनात किया गया। बंगाल में तैनात सीआरपीएफ अधिकारी से कहा गया कि सिलीगुड़ी में खड़े बख्तरबंद वाहनों को ले जाएं। चुनाव में उनका इस्तेमाल करें।

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