CEC Gyanesh Kumar: राज्यसभा के 73 विपक्षी MP का ज्ञानेश कुमार को हटाने का नोटिस

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में अबतक के ऐतिहासिक मतदान के बीच विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने की अपनी मुहिम की नई सिरे से शुरुआत की है। इसके लिए 13 विपक्षी दलों के 73 राज्यसभा सांसदों ने शुक्रवार को सीईसी को उनके पद से हटाए जाने के लिए ताजा नोटिस दिया है।

विपक्ष कुछ हफ्ते पहले ही सीईसी ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने के लिए इससे भी बड़ी कोशिश लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में कर चुका है। लेकिन, राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन और लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला ने नोटिस के जांच के चरण में ही उसे स्वीकार्य नहीं किए जाने योग्य मानते हुए खारिज कर दिया।

सीईसी ज्ञानेश कुमार को हटाने की ताजा मुहिम
हालांकि, राज्यसभा में विपक्ष के पास ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने का बहुमत नहीं है। ऊपर से शुक्रवार को ही राज्यसभा में 10 सांसदों वाले विपक्षी दल आम आदमी पार्टी के 7 सांसद राघव चड्ढा की अगुवाई में खुद को सत्ताधारी बीजेपी में विलय कर चुके हैं। विपक्ष ने अभी तक लोकसभा में भी इसी तरह का ताजा प्रस्ताव लाने के लिए अभी खुद को तैयार नहीं किया है।

विपक्ष ने सीईसी ज्ञानेश कुमार पर लगाए क्या आरोप
कांग्रेस पार्टी के राज्यसभा सांसद और पार्टी प्रवक्ता जयराम रमेश ने सीईसी ज्ञानेश कुमार को हटाने की ताजा मुहिम के तहत उनके खिलाफ नौ विशेष आरोप होने का दावा किया है। उन्होंने कहा-सीईसी के खिलाफ अब नौ खास तरह के आरोप हैं, जिन्हें बहुत ही विस्तार से दस्तावेजों में समेटा गया है और जिन्हें न तो सीधे नकारा जा सकता है और न ही उन पर पर्दा ही डाला जा सकता है। उनका पद पर बने रहना संविधान पर हमला है। यह बहुत ही शर्म की बात है कि वह व्यक्ति अभी भी अपने पद पर बने हुए हैं, जिससे वे प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के इशारों पर काम कर सकें।

सीईसी ज्ञानेश कुमार पर विपक्ष के नौ आरोप
विपक्ष के कुछ सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर उनकी ओर से लगाए गए नौ आरोपों में से कुछ का जिक्र भी किया है, जिनमें-
पक्षपातपूर्ण और भेदभावपूर्ण आचरण
दुर्व्यवहार
बड़े पैमाने पर मताधिकार छीनना
आचार संहिता के पालन में पक्षपात
पीएम मोदी के हालिया राष्ट्र के नाम संबोधन के खिलाफ विपक्ष की शिकायत न सुनना
चुनावी धोखाधड़ी की जांच को जान-बूझकर बाधित करना
एसआईआर को इस तरह से करना, जिसमें बीजेपी को फायदा हो
बीजेपी के साथ कथित निकटता

सीईसी को हटाने वाले ताजा नोटिस देने वाली पार्टियां
विपक्ष के नोटिस पर हस्ताक्षर करने वाले राज्यसभा सांसदों की पार्टियां-
कांग्रेस
टीएमसी
डीएमके
समाजवादी पार्टी
आरजेडी
सीपीआई
सीपीएम
एनसीपी (एसपी)
शिवसेना (यूबीटी)
जेएमएम
इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग
नेशनल कॉन्फ्रेंस
आम आदमी पार्टी

पहले चरण में बंपर वोटिंग से सुप्रीम कोर्ट भी खुश
विपक्ष ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपनी ताजा मुहिम तब शुरू की है, जब पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड 92% मतदान और तमिलनाडु में भी रिकॉर्ड टूटने की वजह से भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने भी सुप्रीम कोर्ट में बंगाल एसआईआर पर सुनवाई के दौरान खुशी जताई है। सुप्रीम कोर्ट ने इसे मजबूत लोकतांत्रिक प्रक्रिया का संकेत बताया है। जबकि, टीएमसी ने शुरू से एसआईआर के लिए चुनाव आयोग और सीईसी ज्ञानेश कुमार का विरोध किया है।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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