Cabinet Decisions: केंद्र सरकार ने लिए ताबड़तोड़ फैसले, कई हजार करोड़ के प्रोजेक्‍ट मंजूर

नई दिल्‍ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ताबड़तोड़ फैसले लिए हैं। इसके तहत हजारों करोड़ के प्रोजेक्‍ट मंजूर हुए हैं। भारत के कपास क्षेत्र में आने वाली बाधाओं, घटती ग्रोथ और क्‍वालिटी संबंधी चिंताओं को दूर करने के लिए ‘ कपास उत्पादकता मिशन ‘ (2026–27 से 2030–31) के लिए 5659.22 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इसी तरह सरकार ने MSME और एविएशन सेक्टर के लिए 18,100 करोड़ रुपये की इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS5) शुरू की है। गन्ना किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने चीनी सीजन 2026-27 (अक्टूबर – सितंबर) के लिए गन्‍ने का उचित और लाभकारी मूल्य (FRP) 365 रुपये प्रति क्विंटल मंजूर किया है। इसके लिए अलावा और भी कई अहम निर्णय लिए हैं। सोमवार को कई राज्‍यों के विधानसभा चुनाव नतीजे आने के एक दिन बाद ये फैसले लिए गए हैं।

कपास उत्पादकता मिशन को मंजूरी
कैबिनेट ने 2030-31 तक कपास में आत्मनिर्भरता और वैश्विक कपड़ा बाजारों में प्रतिस्पर्धा के लिए 5659.22 करोड़ रुपये के खर्च के साथ ‘कपास उत्पादकता मिशन’ को मंजूरी दी है। यह मिशन भारत सरकार के ‘5F’ विजन (फार्म से फाइबर, फाइबर से फैक्‍ट्री, फैक्‍ट्री से से फैशन तक और फैशन से फॉरेन तक) के अनुरूप है। यह मिशन रोग और कीटों के प्रति प्रतिरोधी ‘अधिक उपज देने वाली किस्म’ (HYV) के बीजों के विकास के जरिये कपास की उत्पादकता बढ़ाने पर केंद्रित है।

इसके साथ ही, यह राज्य सरकारों, कृषि विज्ञान केंद्रों और राज्य कृषि विश्वविद्यालयों (SAUs) के जरिये मौजूदा और नवीनतम फसल उत्पादन तकनीकों के बड़े पैमाने पर प्रचार और अपनाने को बढ़ावा देता है। उद्योग को न्यूनतम संदूषण (कंटैम‍िनेंट) वाला कपास उपलब्ध कराना सुनिश्चित करता है।

गन्‍ना का एफआरपी किया तय
कैबिनेट ने 2026-27 सीजन के लिए गन्‍ना किसानों की खातिर 365 रुपये प्रति क्विंटल के ‘उचित और लाभकारी मूल्य’ (FRP) को मंजूरी दी है। इस फैसले से 5 करोड़ गन्‍ना किसानों के साथ चीनी मिलों और उनसे जुड़ी सहायक गतिविधियों में काम करने वाले 5 लाख मजदूरों को भी फायदा होगा। यह मूल्य 10.25% की मूल रिकवरी दर के लिए 365 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। इसके तहत, 10.25% से ऊपर रिकवरी में होने वाली हर 0.1% की बढ़ोतरी के लिए 3.56 रुपये प्रति क्विंटल का प्रीमियम दिया जाएगा। वहीं, रिकवरी में होने वाली हर 0.1% की कमी के लिए FRP में 3.56 रुपये प्रति क्विंटल की कटौती की जाएगी।

गन्‍ना किसानों के हितों की रक्षा के उद्देश्य से सरकार ने यह भी फैसला किया है कि जिन चीनी मिलों में रिकवरी दर 9.5% से कम है, वहां किसी भी तरह की कटौती नहीं की जाएगी। ऐसे किसानों को आने वाले चीनी सीजन 2026-27 में गन्‍ने के लिए 338.3 रुपये प्रति क्विंटल का मूल्य मिलेगा।

इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम 5.0
केंद्रीय कैबिनेट ने इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS) 5.0 को भी स्‍वीकृति दे दी है। इस योजना का उद्देश्य पश्चिम एशिया संकट को देखते हुए योग्य बिजनेस बॉरोअर की मदद करना है। यह किसी भी अल्पकालिक नकदी की कमी से निपटने में मदद करेगी। साथ ही इसका मकसद नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (NCGTC) की ओर से मेंबर लेंडिंग इंस्‍टीट्यूशन (MLIs) को MSMEs के लिए 100% और गैर-MSMEs के साथ एयरलाइन क्षेत्र के लिए 90% कर्ज गारंटी कवरेज प्रदान करना है।

दो और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स
पीएम की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) के तहत दो और सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है। इनमें देश की पहली कमर्शियल मिनी/माइक्रो-LED डिस्प्ले फैसिलिटी शामिल है, जो GaN (गैलियम नाइट्राइड) टेक्नोलॉजी पर आधारित है। साथ ही एक सेमीकंडक्टर पैकेजिंग फैसिलिटी भी शामिल है।
मंजूर किए गए इन दोनों प्रस्तावों के तहत गुजरात में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज स्थापित की जाएंगी। इनमें लगभग 3,936 करोड़ रुपये का कुल निवेश होगा। उम्मीद है कि इनसे 2,230 कुशल पेशेवरों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

गुजरात में शिप रिपेयर प्‍लांट
कैबिनेट ने आज गुजरात के वाडिनार में अत्याधुनिक जहाज मरम्मत सुविधा (शिप रिपेयर फैसिलिटी) के डेवलपमेंट को मंजूरी दे दी है। यह राष्ट्रीय जहाज मरम्मत इकोसिस्टम के बड़े विस्तार का प्रतीक है। इस परियोजना को दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी (DPA) और कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) की ओर से संयुक्त रूप से कार्यान्वित किया जाएगा। इसमें कुल 1,570 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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