Bengal : मोदी बोले- प्याज खाता हूं, दिमाग नहीं…पीएम ने बंगाल में झालमुड़ी खाई

कोलकाता। पीएम मोदी रविवार को पश्चिम बंगाल के दौरे पर थे। झाड़ग्राम में उन्होंने रैली की। इस दौरान रास्ते में वह एक दुकान पर रुके और झालमुड़ी खाई। झालमुड़ी बनाते हुए दुकानदार ने पूछा कि आप प्याज खाते हैं। पीएम ने जवाब दिया- हां प्याज खाता हूं बस दिमाग नहीं। यह सुनकर दुकानदार हंसने लगा।
पीएम ने दुकानदार से इस मुलाकात का करीब 40 सेकेंड का वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया। साथ ही कुछ तस्वीरें भी शेयर कीं।

दुकानदार और मोदी के बीच बातचीत…

पीएम मोदी: भाई, हमें अपने यहां का झालमुड़ी खिलाओ।
दुकानदार: आइए सर बिल्कुल।
पीएम मोदी: कितने का होता है झालमुड़ी
दुकानदार: आप कितने का खाएंगे।
मोदी: नहीं, नहीं, अच्छा वाला कितने का होता है?
दुकानदार: 10 रुपए का और 20 रुपए का।
मोदी: जो भी है बना दो।
दुकानदार: ठीक है
मोदी: (जेब से पैसे निकालते हुए) कितना 10 रुपए देना है, ये लो
दुकानदार: अरे नहीं सर (फिर पीएम के कहने पर उसने ले लिए)
दुकानदार: प्याज खाते हैं
पीएम: हां प्याज खाता हूं, बस किसी का दिमाग नहीं।

दुकानदार बोला- कभी सोचा नहीं था पीएम दुकान पर आएंगे

पीएम जिस दुकान पर झालमुड़ी खाने गए थे। उस दुकानदार का नाम बिक्रम साव है, वह बिहार का रहने वाला है। अब अपने मां-पिता के साथ बंगाल में रहता है। बिक्रम ने बताया- मैंने कभी नहीं सोचा था कि प्रधानमंत्री मेरी दुकान में आकर झालमुड़ी खाएंगे। मैंने उनके लिए झालमुड़ी बनाई। मैंने पैसे लेने से मना किया उन्होंने जबरदस्ती पकड़ा दिए। खा कर बोले कि अच्छा बना है।
पीएम ने पढ़ाई के बारे में पूछा मैंने बताया कि गरीबी के चलते ज्यादा नहीं पढ़ सका। फिर पीएम ने कमाई के बारे में पूछा- मैंने कहा कि 1000-1200 रुपए कमा लेता हूं। वे करीब 10 मिनट तक दुकान में रुके, उन्होंने राजनीति की कोई बात नहीं की।

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Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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