हम कई बार उसके शरीर के ऊपर से गुजरे…हुमायूं के मकबरे पर हादसे का खौफनाक मंजर

नदीम ने बताया, “हम दोनों दोस्त कम से कम 15 मिनट तक दरगाह के बाहर इंतजार करते रहे। इसके बाद परिसर की सफाई का काम समाप्त होते ही प्रवेश द्वार पर एकत्र लोगों का एक छोटा समूह दरगाह के अंदर प्रवेश कर गया। इसमें मेरा दोस्त मोइनुद्दीन भी था। मैं पीछे थोड़ी दूरी पर था, लेकिन जैसे ही मोइनुद्दीन एक कमरे के अंदर पहुंचा। उसकी दीवार ढह गई। यह देख मेरे तो होश उड़ गए। मैंने जोर से अपने दोस्त को पुकारा, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसपर मैंने ज़ाकिर नगर से अपने कुछ दोस्तों को मदद के लिए बुलाया। हमने मलबे में उसे खोजना शुरू किया, लेकिन जब हमें मोइनुद्दीन मिला तो एहसास हुआ कि हम उसके शरीर के ऊपर से कई बार गुजरे थे।”



