MCU : प्रोफेसर की नियुक्ति का मामला हाईकोर्ट पहुंचा, नोटिस जारी कर मांगा जवाब

▶ माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय में केमिस्ट्री के प्रोफ़ेसर को एमबीए संकाय का प्रभारी

जबलपुर। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने भोपाल के माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में कार्यरत प्रोफेसर की नियुक्ति को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। मामला विश्वविद्यालय के प्रबंधन विभाग में पदस्थ प्रोफेसर अविनाश बाजपेयी की कथित अवैध नियुक्ति से जुड़ा है। न्यायालय ने 15 अप्रैल को  याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई के बाद विश्वविद्यालय और संबंधित प्रतिवादियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। 

याचिका में दावा किया गया है कि संबंधित उम्मीदवार के पास मास्टर्स और पीएचडी डिग्री कैमिस्ट्री विषय में होने के बावजूद उन्हें मैनेजमेंट विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर पद पर नियुक्त किया गया। साथ ही, “फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र” के आधार पर चयन का आरोप लगाते हुए मामले को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर में चुनौती दी गई है।
विषय से अलग नियुक्ति, नियमों पर उठे सवाल
याचिकाकर्ता के अनुसार, वर्ष 2014 में एसोसिएट प्रोफेसर पद पर हुई नियुक्ति में निर्धारित शैक्षणिक योग्यता और विषय-संबंधी AICTE के मानकों की अनदेखी की गई।
आरोप है कि कैमिस्ट्री विषय में डिग्री रखने वाले उम्मीदवार को मैनेजमेंट विभाग में नियुक्त किया गया, जो चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और वैधता पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।

“फर्जी अनुभव” और एक साथ दो जगह नौकरी का दावा
मामले का सबसे विवादित पहलू यह है कि प्रोफेसर पर एक ही समयावधि में दो अलग-अलग संस्थानों में कार्य करने का अनुभव प्रस्तुत करने का आरोप है।
याचिकाकर्ता का कहना है कि यह अनुभव प्रमाणपत्र वास्तविक नहीं है और इसी आधार पर चयन में अनुचित लाभ लिया गया।

पीएचडी डिग्री भी जांच के घेरे में
याचिका में यह भी कहा गया है कि संबंधित प्रोफेसर की पीएचडी डिग्री यूजीसी के नियमों के अनुरूप नहीं है। अधिवक्ताओं ने कोर्ट को बताया कि डिग्री प्राप्त करने की प्रक्रिया में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया।
अदालत ने इस बिंदु को गंभीरता से लेते हुए रिकॉर्ड पर लिया है।

हाईकोर्ट सख्त, चयन प्रक्रिया पर संकट
वरिष्ठ अधिवक्ताओं केसी घिल्डियाल और संपत कुशवाहा ने कोर्ट में दलील दी कि चयन प्रक्रिया में तथ्यों को छिपाकर लाभ उठाया गया, जिससे 2014 की पूरी भारती प्रक्रिया एवं नियुक्तियो को अवैध ठहराया जा  सकता है।हाईकोर्ट द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद अब विश्वविद्यालय की नियुक्ति प्रक्रिया कटघरे में आ गई है।
वर्तमान स्थिति और आगे की राह
संबंधित प्रोफेसर फिलहाल MCU में मीडिया प्रबंधन विभाग के एचओडी और डीन स्टूडेंट वेल्फेयर का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं। अब सभी की नजरें हाईकोर्ट की अगली सुनवाई पर हैं, जहां इस विवाद पर महत्वपूर्ण निर्णय सामने आ सकता है।

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