Sansad : ‘सदन नियमों से चलता है’, लोकसभा में हंगामे करने वाले सांसदों को पीठासीन जगदंबिका पाल की चेतावनी, सदन कल तक के लिए स्थगित

नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण भी हंगामेदार रहा। ईरान- इजरायल युद्ध को लेकर बोलते समय विदेश मंत्री एस जयशंकर के बयान पर लोकसभा में जोरदार हंगाम हुआ। विपक्षी नेता वेल में पहुंच गए और प्लेकार्ड दिखाकर हंगामा करने लगे जिसके बाद लोकसभा की कार्यवाही दोपहर तीन बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
लोकसभा में दोपहर 3 बजे सदन की कार्यवाही फिर से शुरू हुई, लेकिन विपक्षी सांसदों के हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही को मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया। पीठासीन जगदंबिका पाल ने विपक्षी सांसदों को चेतावनी दी कि सदन नियमों से चलता है। लेकिन विपक्षी सांसद वेस्ट एशिया संकट पर चर्चा की मांग को लेकर अड़े रहे।
ईरान- इजरायल युद्ध को लेकर लोकसभा में एस जयशंकर ने दिया बयान
ईरान- इजरायल युद्ध को लेकर लोकसभा में एस जयशंकर ने कहा कि भारत शांति के पक्ष में है। इसके लिए कूटनीतिक समाधान जरूरी है। एस जयशंकर ने कहा कि हम भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वतन बुला रहे हैं। भारतीय दूतावास हर तरह की मदद के लिए तैयार है। ईरान में रहने वाले भारतीय नागरिकों को तुरंत ईरान छोड़ने के लिए कहा गया है।विपक्षी सांसदों की नारेबाजी के बीच विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने लोकसभा में पश्चिम एशिया की स्थिति पर बयान दिया। पोस्टर लिए और नारेबाजी करते हुए विपक्षी सांसद सदन के वेल में प्रवेश कर गए।
ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर आज होगी चर्चा
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा, ‘आज लिस्ट में साफ लिखा है कि हम इस पर चर्चा करेंगे। उन्हें प्रस्ताव लाना है। क्या प्रोसेस है? जब प्रस्ताव लाया जाता है, तो उसके सपोर्ट में 50 लोग खड़े होने चाहिए, आज जब चेयर पर बैठे जगदंबिका पाल ने बार-बार कहा कि अगर आप प्रस्ताव लाना चाहते हैं, तो मैं चर्चा की इजाजत देता हूं। जब स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का एजेंडा में है, तो आप बीच में दूसरा प्रस्ताव, दूसरा एडजर्नमेंट मोशन कैसे ला सकते हैं? कोई नियम है या नहीं? कोई संविधान नहीं है? अगर हमें राहुल गांधी के कहे अनुसार सदन चलाना है, तो नियम क्यों होना चाहिए? यह कैसी सिद्धांत है कि ये लोग पहले मांग करते हैं और बाद में रुकावट डालते हैं? जब मैं पार्लियामेंट अफेयर्स मिनिस्टर था तो ऐसा कई बार होता था। उनका मानना है कि वे जो कहते हैं वही नियम है। जिस पर भी चर्चा होनी है, वह पहले BAC में तय होना चाहिए।’
स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बहस से भाग रही कांग्रेस: रवि शंकर प्रसाद
भाजपा सांसद रवि शंकर प्रसाद ने कहा, ‘कांग्रेस ने स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जो बहुत कम आता है स्पीकर ने इस प्रस्ताव को भी स्वीकार कर लिया…आज हम बहस के लिए तैयार हैं कांग्रेस का जवाब देने के लिए तैयार हैं और वो भाग रहे हैं। दो दिन का समय सिर्फ अविश्वास प्रस्ताव पर तय है राहुल गांधी की अगुवाई में न संसद की गरिमा की चिंता है, न स्पीकर की पद का सम्मान है और ये बात करते हैं संविधान की, विपक्ष से कहूंगा कि राहुल गांधी के पीछे चलना बंद करिए और अपनी जगह बनाए।’





