आफत की बारिश: हिमाचल, जम्मू और अरुणाचल में भूस्खलन, देश के कई राज्य बाढ़ से बेहाल, पंजाब में 43 लोगों की मौत

नई दिल्ली। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक देश का अधिकांश हिस्सा बाढ़-बारिश से त्राहिमाम कर रहा है। पंजाब में बाढ़ की वजह से अब तक 43 लोगों की मौत हो चुकी है। 23 जिलों के 1902 से अधिक गांव पानी की चपेट में हैं, जिससे 3.84 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में भूस्खलन से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि छह अन्य लापता हैं। जम्मू संभाग के किश्तवाड़ जिले में भूस्खलन में पांच लोग घायल हो गए। वहीं, अरुणाचल प्रदेश में पांच जगहों पर भूस्खलन के कारण यातायात बुरी तरह बाधित हो गया।
कुल्लू जिला मुख्यालय में गुरुवार सुबह करीब 7.30 बजे इनर अखाड़ा बाजार में दो घर भूस्खलन की चपेट में आ गए। मलबे में दबे 10 लोगों में से तीन को बचा लिया गया, जबकि एक की मौत हो गई। एक महिला समेत छह लोगों की तलाश की जा रही है। उधर, किश्तवाड़ में रटले जल विद्युत परियोजना स्थल द्राबशाल्ला में भूस्खलन के कारण पांच लोग मलबे में दब गए। नागरिक प्रशासन, पुलिस और रेड क्रॉस टीम ने तत्काल बचाव अभियान चलाकर उन्हें बचा लिया।
पंजाब-हरियाणा के अधिकांश इलाके गुरुवार को भी बारिश से बेहाल रहे। चंडीगढ़ में पिछले 24 घंटों के दौरान 20.4 मिमी बारिश हुई। बारिश व जलभराव के कारण हरियाणा में पांच लोगों की मौत हुई है, जबकि एक व्यक्ति के बहने की सूचना है। यमुना, घग्गर, टांगरी व मारकंडा खतरे के निशान पर हैं जिससे लगातार खतरा बना हुआ है। उधर, श्रीनगर के बडगाम के शालिना बांध में दरार आ गई। प्रशासन ने तत्काल 7 गांवों को खाली कराने के निर्देश दिए हैं। इनमें लासजन, सोइतेंग, नौगाम, व्येथपोरा, गोलपोरा, पदशाहीबाग और महजूरनगर शामिल हैं।
बीएसएफ की 90 चौकियां जलमग्न
भारी बारिश और नदियों में उफान की वजह से पंजाब और जम्मू के अग्रिम इलाकों में भी हालात बेहद खराब हो चुके हैं। भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा की 110 किलोमीटर से ज्यादा बाड़ क्षतिग्रस्त हो गई है और बीएसएफ की करीब चौकियां जलमग्न हैं। अंतरराष्ट्रीय सीमा 2,289 किलोमीटर लंबी है, जो देश के पश्चिमी हिस्से में राजस्थान और गुजरात से होकर भी गुजरती है। बीएसएफ जम्मू में 192 किलोमीटर और पंजाब में 553 किलोमीटर की पहरेदारी करता है। अधिकारियों ने बताया कि बृहस्पतिवार को बताया कि पंजाब में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर लगी लगभग 80 किलोमीटर लंबी बाड़ और जम्मू में लगभग 30 किलोमीटर लंबी बाड़ बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हो गई है। इन जगहों पर लगी बाड़ या तो डूब गई है या उखड़ गई।
मणिमहेश से 450 श्रद्धालुओं को निकाला अब भी 500 फंसे
भरमौर से दुर्गेठी तक हाईवे छोटे वाहनों के लिए बहाल होने के बाद बृहस्पतिवार को 415 श्रद्धालु टैक्सियों से भरमौर से निकाले गए। साथ ही चॉपर से 35 लोग लाए गए हैं। अब भी 500 के करीब श्रद्धालुओं के भरमौर में होने की संभावना हैं। प्रशासन के मुताबिक अब तक 15 हजार श्रद्धालुओं को भरमौर से सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है।
दिल्ली-एनसीआर में बाढ़, नोएडा के कई सेक्टर डूबे
दिल्ली-एनसीआर में लगातार बारिश के कारण यमुना नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इससे कई इलाकों में बाढ़ आ गई है। नोएडा में सेक्टर-135 और सेक्टर-151 डूब गए हैं। कई इलाके में 3 से 4 फीट पानी भरा है। हरियाणा के पंचकूला, हिसार, रोहतक और झज्जर में सभी स्कूल बंद हैं। फतेहाबाद, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर और फरीदाबाद में भी कुछ स्कूल बंद कर दिए गए हैं। गुरुग्राम की सिग्नेचर ग्लोबल सलोरा सोसाइटी में गुरुवार को पानी भर गया। इससे महिलाएं और बच्चे घरों में कैद हो गए।
राजस्थान के अजमेर में गुरुवार रात भारी बारिश के बाद बोराज तालाब की दीवार ढह गई। इससे 1 हजार से ज्यादा घरों में अचानक सैलाब आ गया। लोगों ने छतों पर जाकर जान बचाई। पानी का बहाव इतना तेज था कि कई गाडिय़ां बह गईं। मकान क्षतिग्रस्त हो गए। देर रात तक लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चला।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

Related Articles