PWD : उच्च न्यायालय ने पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर को अवमानना का दोषी माना

ग्वालियर। पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर  एवं डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन के मध्य चल रही रस्साकशी तथा आरोप प्रत्यारोपों के विषय में आज माननीय उच्च न्यायालय ने वाद क्रमांक डबल्यू पी 7014/2025 मे आज दिनांक 30/07/2025 को एक नया आदेश पारित कर लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता एस.एल सूर्यवंशी को   उच्च न्यायालय की एकल पीठ न्यायमूर्ति मिलिंद रमेश फडके की अदालत ने  अवमानना का दोषी माना। डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता  एम पी एस रघुवंशी द्वारा पक्ष रखा गया।
विगत दिनों लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता द्वारा पड़ाव, गोलघर स्थित डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन के भवन का बेजा उपयोग का आरोप लगाते हुये प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया गया था जिस पर  उच्च न्यायालय ने रोक लगाते हुए श्री सूर्यवंशी को आगाह किया था के अपने इस कृत्य के लिए माफ़ी माँगें ।  अपने फ़ैसले मे  उच्च न्यायालय ने नाराज़गी जताते हुए कहा कि जहाँ एक और लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता द्वारा बिना शर्त अपने पूर्ववर्ती कृत्यों के लिए माफ़ी माँगी गई वहीं दूसरी ओर कोर्ट की आँखों में धूल झोंकते हुए कोर्ट के आदेश की अवमानना करते हुए लगातार डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों पर पत्र के माध्यम से तथा अन्य पत्राचार के द्वारा एफ़आइआर कराने के प्रयास किये गये श्री सूर्यवंशी के इस आचरण को माननीय उच्च न्यायालय ने गंभीरता से लेते हुये अपने आदेश में इसे उच्च न्यायालय की अवमानना का दोषी क़रार दिया।
उच्च न्यायालय के  इस आदेश से इतना तो निश्चित हो गया है कि अब लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता एस. एल. सूर्यवंशी मुश्किलों से घिर गए हैं तथा उन्हें अब उच्च न्यायालय की अवमानना के प्रकरण का सामना भी करना पड़ेगा । वहीं दूसरी ओर डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन के जिला एवं प्रांतीय पदाधिकारियों इंजी मनोज शर्मा प्रांतीय महामंत्री , इंजी रजनीश गुप्ता जिलाध्यक्ष , इंजी प्रीतम सिंह रावत प्रदेश प्रवक्ता द्वारा उच्च न्यायालय के इस आदेश की प्रति के साथ पत्र भेज कर मुख्यमंत्री  मोहन यादव , मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव, तथा लोक निर्माण विभाग के  मंत्री से अभियंता सूर्यवंशी को तत्काल उनके पद से हटाने का निवेदन करते हुए कहा है कि पूर्व में भी एस एल सूर्यवंशी पर आय से अधिक संपत्ति तथा भ्रष्टाचार से संबंधित मुक़दमे दर्ज हो चुके हैं जिनकी जाँच रफ़ा दफ़ा करने की कोशिश की गई है या अभी लंबित है । डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं संरक्षक म.प्र. डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन इंजी राजेंद्र सिंह भदौरिया , इंजी गिरीश भटेले, इंजी रमेश सिंह भदौरिया, इंजी रवीन्द्र सिंह कुशवाह, इंजी वीरेंद्र यादव, इंजी मनोज पाठक, इंजी जे पी पटेल, इंजी रामचरण चिराड ने मध्य प्रदेश ने  मुख्यमंत्री मोहन यादव  से तथा म.प्र. शासन से अपील की है कि लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता एस एल सूर्यवंशी का आचरण कदाचार से पूर्ण तथा लोक सेवक के मानकों पर खरा नहीं उतरता है अतः सूर्यवंशी को तत्काल प्रभाव से पद से पृथक करते हुए लंबित तथा बंद किये गये भ्रष्टाचार तथा आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामलों की फ़ाइलों को पुनः खुलवाया जाए तथा दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई करते हुए शासन की छवि धूमिल होने से बचायी जाए।

Sanjay Saxena

BSc. बायोलॉजी और समाजशास्त्र से एमए, 1985 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय , मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के दैनिक अखबारों में रिपोर्टर और संपादक के रूप में कार्य कर रहे हैं। आरटीआई, पर्यावरण, आर्थिक सामाजिक, स्वास्थ्य, योग, जैसे विषयों पर लेखन। राजनीतिक समाचार और राजनीतिक विश्लेषण , समीक्षा, चुनाव विश्लेषण, पॉलिटिकल कंसल्टेंसी में विशेषज्ञता। समाज सेवा में रुचि। लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को समाचार के रूप प्रस्तुत करना। वर्तमान में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े। राजनीतिक सूचनाओं में रुचि और संदर्भ रखने के सतत प्रयास।

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